Edited By Niyati Bhandari,Updated: 01 Jul, 2026 01:32 PM

Khichdi Niyam: सनातन धर्म के अनुसार गुरुवार और रविवार को खिचड़ी खाना वर्जित माना गया है। जानिए, देवगुरु बृहस्पति और सूर्य देव से जुड़े ये खास नियम और इसके पीछे की ज्योतिषीय वजह।
Khichdi Eating Rules: सनातन धर्म में खान-पान और पहनावे का केवल स्वास्थ्य से ही नहीं, बल्कि ग्रहों की चाल और देवी-देवताओं की कृपा से भी गहरा संबंध माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी विशेष ग्रह और देवता को समर्पित है। यही कारण है कि कुछ खास दिनों पर विशेष पकवानों के सेवन की मनाही होती है। इन्हीं में से एक है खिचड़ी। अक्सर लोग इसे हल्का भोजन मानकर कभी भी बना लेते हैं, लेकिन ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हफ्ते के 2 दिन ऐसे हैं जब खिचड़ी खाना आपके जीवन में परेशानियां खड़ी कर सकता है।

शास्त्रों के अनुसार गुरुवार का दिन श्री हरि को बेहद ही प्रिय है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। भगवान विष्णु के भक्त इस दिन व्रत भी करते हैं। वहीं ज्योतिष के अनुसार गुरुवार का दिन बृहस्पति देव को समर्पित है। कुंडली में गुरु की स्थिति अच्छी होने से जीवन में धन–धान्य की कभी कमी नहीं होती। गुरुवार के दिन केला, खट्टी चीजें जैसे इमली, नींबू अथवा खट्टे फल, नमक, मांसाहारी भोजन व शराब, प्याज और लहसुन, सरसों और तिल के तेल का सेवन नहीं करना चाहिए।

वेदों में सूर्य को जगत की आत्मा कह कर संबोधित किया गया है। सूर्य से ही पृथ्वी पर जीवन है। सूर्य ग्रह को रविवार का स्वामी और अन्य ग्रहों का राजा कहा जाता है। रविवार वाले दिन कुछ चीजों के सेवन से परहेज करना चाहिए नहीं तो बहुत सी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है विशेषकर स्वास्थ्य, सुख और धन की हानि उठानी पड़ती है। शास्त्रानुसार सूर्य कृपा के लिए रविवार वाले दिन इन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। मसूर की दाल का सेवन करने से धन की हानि होती है। लाल साग, अदरक और मांसाहार भोजन का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इससे क्रोध, मानसिक अशांति और चर्म रोग होते हैं।

शनि और सूर्य का विरोध: खिचड़ी बनाने में मुख्य रूप से काली दाल (उड़द) का प्रयोग होता है, जिसका संबंध शनि देव से है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य और शनि को परस्पर विरोधी ग्रह माना गया है। रविवार (सूर्य के दिन) शनि से संबंधित भोजन (काली दाल की खिचड़ी) करने से आध्यात्मिक और ज्योतिषीय संतुलन बिगड़ सकता है। शनि से संबंधित भोजन होने के कारण रविवार के दिन उड़द की दाल से बनी खिचड़ी न खाएं।

माना जाता है की गुरुवार को पीली मूंग की दाल वाली खिचड़ी का सेवन करने से कुंडली में बृहस्पति ग्रह कमजोर होता है। काली दाल (उड़द) मिलाकर खाना भी बेहद अशुभ माना गया है। कहा जाता है कि इससे घर में दरिद्रता आती है और धन की हानि होने लगती है।
रविवार और गुरुवार वाले दिन खिचड़ी नहीं खानी चाहिए। इन परंपराओं का मुख्य उद्देश्य जीवन में संयम, आध्यात्मिक संतुलन और ग्रहों के प्रतिकूल प्रभाव से बचना है। यदि आप भी अपने जीवन में सुख-समृद्धि और ग्रहों की अनुकूलता चाहते हैं, तो इन धार्मिक नियमों का पालन करना लाभकारी सिद्ध हो सकता है।
