Edited By Sarita Thapa,Updated: 02 Sep, 2026 11:45 AM

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर वृंदावन में स्थित ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में हर साल की तरह इस साल भी मंगला आरती के लिए बहुत खास तैयारियां की गई है। हालांकि, इस बार भक्तों के लिए दर्शन व्यवस्था में खास बदलाव किए गए है।
Krishna Janmashtami 2026 : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर वृंदावन में स्थित ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में हर साल की तरह इस साल भी मंगला आरती के लिए बहुत खास तैयारियां की गई है। हालांकि, इस बार भक्तों के लिए दर्शन व्यवस्था में खास बदलाव किए गए है। मंगला आरती में बाके बिहारी जी के दर्शन करने आ रहे भक्तों को सीमित संख्या में ही प्रवेश दिया जाएगा और इसके लिए पास की खास व्यवस्था की जाएगी। वहीं, पहली बार इस विशेष मंगला आरती का लाइव प्रसारण किए जाने की भी तैयारी है, जिससे मंदिर तक नहीं पहुंच पाने वाले भक्तों भी घर पर बैठकर ठाकुर जी के दर्शन का आनंद ले सकेंगे।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर कितने श्रद्धालुओं को मिल सकेगा प्रवेश
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रात होने वाली मंगली आरती को लेकर मंदिर प्रशासन और संबंधित समिति की और से खास तैयारियां की जा रही हैं। इस बार मंदिर के अंदर मंगला आरती के दर्शन के लिए करीब 600 भक्तों को मंदिर के अंदर प्रवेश देने की व्यवस्था की जा रही है। प्रवेश पास के माध्यम से होगा, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
पहली बार लाइव स्ट्रीमिंग की तैयारी
इस जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़ी सुविधा यह होगी कि बांकेबिहारी मंदिर की विशेष मंगला आरती का पहली बार लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए प्रसारण किए जाने की तैयारी है। इससे देश-विदेश में मौजूद भक्त अपने मोबाइल, टीवी या अन्य डिजिटल माध्यमों से आरती के दर्शन कर सकेंगे। मंदिर के बाहर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से भी दर्शन उपलब्ध कराने की योजना की जानकारी सामने आई है। इस पहल से उन भक्तों को बड़ी राहत मिलेगी जो सीमित प्रवेश व्यवस्था के कारण मंदिर परिसर में जाकर आरती के दर्शन नहीं कर पाएंगे।
जन्माष्टमी पर क्यों खास है बांकेबिहारी की मंगला आरती?
सनातन परंपरा के अनुसार, मंगला आरती को भगवान की पहली सेवा और उन्हें प्रेमपूर्वक जगाने से जोड़कर देखा जाता है। बांकेबिहारी मंदिर में ठाकुर जी की सेवा बाल स्वरूप में की जाती है, इसलिए उन की दैनिक सेवा और दर्शन की परंपराएं भी बाकी मंदिरों से अलग है। जन्माष्चमी की रात होने वाली मंगला आरती इसी विशेष परंपरा का खास हिस्सा है। यही वजह है कि जन्माष्टमी पर होने वाली इस मंगला आरती को लेकर भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिलता है।