Edited By Sarita Thapa,Updated: 16 Apr, 2026 04:36 PM

चाणक्य नीति में जीवन की हर किसी समस्या को हल करने के लिए कई बातों का जिक्र किया है। हर माता-पिता चाहता है कि उनके बच्चों को अच्छी परवरिश मिले। चाणक्य के अनुसार, माता-पिता जब अपने बच्चों की परवरिश करते हैं, तो उन्हें कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।
Chanakya Niti : चाणक्य नीति में जीवन की हर किसी समस्या को हल करने के लिए कई बातों का जिक्र किया है। हर माता-पिता चाहता है कि उनके बच्चों को अच्छी परवरिश मिले। चाणक्य के अनुसार, माता-पिता जब अपने बच्चों की परवरिश करते हैं, तो उन्हें कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। बच्चे के साथ कैसा व्यवहार करना है और सबसे खास बात यह कि माता-पिता का फर्ज आप कैसे निभाते हैं। यह बात बच्चे की परवरिश करते समय बहुत ही मायने रखती है। तो आइए जानते हैं कि वो कौन सी बाते हैं, जिनका बच्चे की परवरिश करते समय माता-पिता को ध्यान रखना चाहिए।

बच्चे के साथ कैसा व्यवहार करें
चाणक्य नीति के अनुसार, माता-पिता को हमेशा अपने बच्चों का दोस्त बनकर रहना चाहिए। उन्हें सही-गलत की पहचान करना और समय-समय पर नई चीजों का ज्ञान देते रहना चाहिए। इस बात का खा ध्यान रखें कि जहां बच्चे की गलती हो उन्हें प्यार से समझाने की कोशिश करें लेकिन कई बार अगर अपको सख्त व्यवहार अपनाना पड़े तो इसके कोई बुराई नहीं है।

माता-पिता ध्यान रखें ये बात
आज कल के माता-पिता अपने बच्चों को इतना लाड-प्यार करते हैं कि उनकी छोटी-मोटी गलती को नजरअंदाज करने लगते हैं। जिससे बच्चों को और बढ़ावा मिल जाता है और वह बदजमीज हो जाते हैं। चाणक्य के अनुसार, बच्चों को लाड-प्यार भी करें लेकिन उनकी गलती को नजरअंदाज न करके कभी-कभी डांट-फटकार लगा कर अगर उन्हें समझाना पड़ें तो ऐसा कर लेना चाहिए।
कैसे माता-पिता बच्चों के लिए दुश्मन होते हैं
आचार्य चाणक्य के अनुसार, जो माता-पिता अपने बच्चों पर ध्यान नहीं देते, ऐसे माता-पिता बच्चों के दुश्मन होते हैं। अच्छे माता-पिता बनने के लिए बच्चों की पढ़ाई, खेलकूद और अन्य विशेष चीजों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। अनपढ़ लोगों को समाज में तिरस्कार का सामना करना पड़ता है। इसलिए माता-पिता का कर्तव्य है कि वे बच्चों को ऐसी शिक्षा दें, जिससे वे समाज की शोभा बन सकें।

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