Edited By Niyati Bhandari,Updated: 06 Jan, 2026 08:52 AM

श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को 15 जनवरी को तख्त साहिब के सचिवालय में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर स्पष्टीकरण देने के लिए तलब किया है।
अमृतसर/चंडीगढ़ (आर. गिल, सर्बजीत, विनय): श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को 15 जनवरी को तख्त साहिब के सचिवालय में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर स्पष्टीकरण देने के लिए तलब किया है।
जत्थेदार ने मुख्यमंत्री की उन टिप्पणियों पर कड़ी नाराजगी जताई है, जिनमें सिख रहित मर्यादा, गुरु की गोलक और दसवंध की परंपरा पर सवाल उठाए गए थे। जत्थेदार ने इसे सिख भावनाओं पर सीधा हमला करार देते हुए कहा कि अकाल तख्त की सर्वोच्चता को किसी भी हाल में दी गई चुनौती स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि भगवंत मान पतित सिख है, इसलिए उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब की फसील के समक्ष पेश नहीं किया जा सकता, इसलिए उन्हें सचिवालय पहुंच कर स्पष्टीकरण देना होगा।
प्रैस कॉन्फ्रैंस में जत्थेदार गड़गज्ज ने पंजाब सरकार के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बरगाड़ी बेअदबी मामले, 2017 के मौड़ बम धमाके और सीनियर वकील एच.एस. फूलका से जुड़े मामलों की जांच में देरी पर सरकार को घेरा। मौड़ धमाके को आतंकी घटना बताते हुए जत्थेदार ने कहा कि इसमें 7 मासूमों समेत कई लोगों की जानें गई थीं, लेकिन एन.आई.ए. जांच और खट्टर कमीशन की रिपोर्ट के बावजूद दोषियों को अब तक सजा नहीं मिली। प्रभावित परिवारों से मिलने का जिक्र करते हुए उन्होंने एक नाबालिग बच्चे के स्कूल बैग का उदाहरण दिया, जो आज भी परिवार के लिए दर्द का सबब है।
जत्थेदार ने फूलका से संबंधित मामलों को पंजाब से बाहर ट्रांसफर करने के सरकार के रवैये की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट जब पंजाब के माहौल को खराब बताता है तो सरकार को मजबूती से जवाब देना चाहिए, न कि चुप रहना। यह रवैया पंजाब को बदनाम करने वाला है। बेअदबी मामलों में दोषियों को पंजाब में पेश करने से बचने का आरोप लगाते हुए जत्थेदार ने सरकार की लापरवाही पर सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की सिख रहित मर्यादा और गुरु की गोलक पर की गई टिप्पणियों को जत्थेदार ने सिख श्रद्धा पर हमला बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि रहित मर्यादा पूरे पंथ की बनाई हुई है, जिसमें दशकों लगे हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री से जुड़ी एक विवादित वीडियो की शिकायतें तख्त साहिब को मिली हैं, जिसकी जांच होगी।