Edited By Sarita Thapa,Updated: 14 Mar, 2026 08:58 AM

उत्तराखंड सरकार ने आगामी चारधाम यात्रा 2026 को लेकर पशु क्रूरता पर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश के पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने स्पष्ट किया है कि यात्रा मार्ग पर बेजुबान जानवरों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के...
Char Dham Yatra 2026 Update : उत्तराखंड सरकार ने आगामी चारधाम यात्रा 2026 को लेकर पशु क्रूरता पर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश के पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने स्पष्ट किया है कि यात्रा मार्ग पर बेजुबान जानवरों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मंत्री सौरभ बहुगुणा ने विभाग को सख्त आदेश दिए हैं कि केदारनाथ और यमुनोत्री जैसे पैदल मार्गों पर किसी भी अस्वस्थ या शारीरिक रूप से कमजोर घोड़े-खच्चर का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। यदि कोई जानवर बीमार या घायल पाया जाता है, तो उसे तुरंत यात्रा मार्ग से हटा दिया जाएगा।
यात्रा शुरू होने से पहले हर घोड़े और खच्चर का Medical Check-up होगा। केवल स्वस्थ पाए जाने वाले जानवरों को ही फिटनेस सर्टिफिकेट और पंजीकरण दिया जाएगा। यात्रा मार्गों पर निगरानी रखने के लिए एक विशेष टीम तैनात की गई है। यह टास्क फोर्स जानवरों की सेहत और उनके मालिकों के व्यवहार पर लगातार नजर रखेगी। केदारनाथ मार्ग पर जानवरों के लिए रजिस्ट्रेशन और बीमा को अनिवार्य कर दिया गया है। बिना वैध दस्तावेजों के किसी भी संचालक को अनुमति नहीं मिलेगी।
जानवरों को थकान से बचाने के लिए उनके काम करने के घंटे तय किए गए हैं। यमुनोत्री मार्ग पर शाम 6 बजे के बाद जानवरों के संचालन पर रोक का प्रस्ताव है ताकि उन्हें उचित आराम मिल सके। क्षमता से अधिक वजन लादने या पशुओं के साथ क्रूरता करने वाले मालिकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यात्रियों और बेजुबानों की सुरक्षा सर्वोपरि
सरकार का मानना है कि अनफिट जानवरों के कारण न केवल पशुओं की जान को खतरा रहता है, बल्कि संकरे रास्तों पर तीर्थयात्रियों की सुरक्षा भी जोखिम में पड़ जाती है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य यात्रा को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और मानवीय बनाना है।
शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ