Edited By Niyati Bhandari,Updated: 25 Sep, 2026 10:24 AM

इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन (आई.एस.एम.ए.) के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने कहा कि आगामी त्यौहारी सीजन के दौरान उपभोक्ताओं को उचित कीमतों पर चीनी उपलब्ध कराने के लिए सरकार और चीनी उद्योग मिलकर काम कर रहे हैं।
नई दिल्ली (एजैंसी): इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन (आई.एस.एम.ए.) के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने कहा कि आगामी त्यौहारी सीजन के दौरान उपभोक्ताओं को उचित कीमतों पर चीनी उपलब्ध कराने के लिए सरकार और चीनी उद्योग मिलकर काम कर रहे हैं।
बल्लानी ने कहा कि दशहरा और दिवाली जैसे प्रमुख त्यौहारों के करीब आने के साथ चीनी की स्थिर आपूर्ति और किफायती कीमतें सुनिश्चित करना प्राथमिकता बनी हुई है।
उन्होंने कहा, “सबसे पहले, सरकार और उद्योग दोनों उपभोक्ताओं को बहुत उचित दर पर चीनी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं, खासकर त्यौहारों के दौरान बढ़ने वाली मांग और त्यौहारी सीजन में।”
घरेलू बाजार में चीनी की आपूर्ति पर्याप्त
उनके अनुसार घरेलू बाजार में चीनी की आपूर्ति पर्याप्त बनी हुई है और कीमतों को नियंत्रण में रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। बल्लानी ने कहा कि खुदरा चीनी की कीमतों में पहले ही नरमी शुरू हो गई है और आने वाले हफ्तों में इनमें और गिरावट आने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि एक्स-मिल कीमतों और खुदरा कीमतों में बदलाव के बीच आमतौर पर कुछ समय का अंतर होता है, क्योंकि थोक कीमतों में कमी का लाभ आपूर्ति शृंखला के जरिए उपभोक्ताओं तक पहुंचने में समय लगता है।
खुदरा कीमतों में भी धीरे-धीरे आएगी कमी
उन्होंने कहा कि एक्स-मिल चीनी की कीमतों में पहले ही करीब 25-30 प्रतिशत तक कमी आई है और पूरे भारत में एक्स-मिल कीमत का औसत वर्तमान में करीब 4,450 रुपए प्रति क्विंटल है। बल्लानी ने बताया कि बाजार में कम लागत के स्तर के अनुरूप बदलाव होने के साथ खुदरा कीमतों में भी धीरे-धीरे कमी आएगी।
बल्लानी ने कहा, “कीमतों में हुए बदलाव को खुदरा कीमतों तक पूरी तरह पहुंचने में कुछ समय लगता है। अब जब एक्स-मिल कीमतों में लगभग 25 से 30 प्रतिशत तक कमी आ चुकी है और पूरे भारत में एक्स-मिल कीमतों का औसत 4,450 रुपए है, तो मेरा मानना है कि आने वाले समय में खुदरा कीमतों में भी कमी आएगी।”