Edited By Niyati Bhandari,Updated: 18 Sep, 2026 11:38 AM

दिवाली से पहले भारत से खाद्य एवं पेय पदार्थों के निर्यात की मांग में तेजी देखने को मिल रही है। उद्योग निकाय ट्रेड प्रमोशन काऊंसिल ऑफ इंडिया (टी.पी.सी.आई.) के सर्वेक्षण के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय खरीदार पारंपरिक भारतीय खाद्य पदार्थों के साथ तुरंत खाने...
नई दिल्ली (एजैंसी): दिवाली से पहले भारत से खाद्य एवं पेय पदार्थों के निर्यात की मांग में तेजी देखने को मिल रही है। उद्योग निकाय ट्रेड प्रमोशन काऊंसिल ऑफ इंडिया (टी.पी.सी.आई.) के सर्वेक्षण के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय खरीदार पारंपरिक भारतीय खाद्य पदार्थों के साथ तुरंत खाने और पकाने योग्य उत्पादों में भी रुचि दिखा रहे हैं।
टी.पी.सी.आई. ने बताया कि त्यौहारों के दौरान मिठाई, नमकीन, चावल, मसाले, अचार, घी और दालों जैसे उत्पादों की मांग बनी हुई है। सर्वेक्षण में खाद्य उत्पादों की मांग में औसतन करीब छह प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है, जबकि कई खरीदारों को पिछले वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की उम्मीद है।
रैडी-टू-ईट निर्यात बढ़ा
वर्ष 2025-26 में तुरंत खाने और पके हुए खाद्य उत्पादों (रैडी-टू-ईट) का निर्यात 16 प्रतिशत बढ़कर 2.4 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष 2.1 अरब डॉलर था। टी.पी.सी.आई. के अनुसार, इससे फ्रोजन स्नैक्स, तैयार भोजन, फैस्टिव मिश्रण, करी, भारतीय ब्रैड और सुविधाजनक खाद्य उत्पादों के निर्यात के अवसर बढ़े हैं।
खाड़ी देश प्रमुख बाजार
टी.पी.सी.आई. ने कहा कि खाड़ी सहयोग परिषद क्षेत्र भारत के त्यौहारों से जुड़े खाद्य उत्पादों के लिए प्रमुख बाजार बनकर उभरा है। कुवैत, ओमान और बहरीन में मिठाई, सूखे मेवे, नमकीन, चावल, मसाले, घी और अचार की मांग बनी हुई है।