Edited By Niyati Bhandari,Updated: 17 Apr, 2026 09:40 AM

Friday Remedies: क्या आप आर्थिक तंगी से परेशान हैं? शास्त्रों के अनुसार शुक्रवार की रात अष्ट लक्ष्मी की ये गुप्त साधना आपको कुबेर के समान ऐश्वर्य दिला सकती है। जानें पूजा की पूरी विधि और मंत्र।
Friday Remedies: जीवन में पैसा ही सब कुछ नहीं है पर आज के दौर में यह मान-सम्मान और सुखद जीवन का आधार जरूर है। शास्त्रों में मां लक्ष्मी को 'चंचला' कहा गया है, जो एक स्थान पर टिकती नहीं हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऋषि विश्वामित्र के अनुसार, कुछ ऐसी गोपनीय साधनाएं हैं जिनसे लक्ष्मी को स्थायी बनाया जा सकता है।

इंद्र को मिला था कुबेर जैसा ऐश्वर्य
पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन से पहले जब देवता निर्धन हो गए थे, तब देवराज इंद्र ने महालक्ष्मी की स्तुति की थी। मां लक्ष्मी ने प्रसन्न होकर उन्हें एक ऐसा 'द्वादशाक्षर मंत्र' दिया, जिसके प्रभाव से व्यक्ति कुबेर के समान धनवान बन सकता है। जीवन के 8 कष्टों को काटती हैं 'अष्ट लक्ष्मी' मां लक्ष्मी के आठ स्वरूप मानव जीवन के आठ अलग-अलग आधारों को संभालते हैं:
आदि लक्ष्मी: लंबी आयु और जीवन का प्रारंभ।
धान्य लक्ष्मी: धन और अन्न की प्रचुरता।
धैर्य लक्ष्मी: आत्मबल और साहस।
गज लक्ष्मी: उत्तम स्वास्थ्य और शक्ति।
संतान लक्ष्मी: परिवार और वंश वृद्धि।
विजय/वीर लक्ष्मी: जीत और समाज में वर्चस्व।
विद्या लक्ष्मी: बुद्धि और ज्ञान की प्राप्ति।
ऐश्वर्य लक्ष्मी: प्रेम और भोग-विलास का सुख।

शुक्रवार रात की 'अष्ट लक्ष्मी' साधना विधि: यदि आप कर्ज के जाल में फंसे हैं या व्यापार में घाटा हो रहा है, तो शुक्रवार की रात 9:00 से 10:30 बजे के बीच यह उपाय करें:
तैयारी: गुलाबी वस्त्र धारण करें और गुलाबी आसन पर बैठें।
स्थापना: एक गुलाबी कपड़े पर 'श्रीयंत्र' और 'अष्ट लक्ष्मी' का चित्र स्थापित करें।
पूजन: थाली में गाय के घी के 8 दीपक जलाएं और गुलाब की अगरबत्ती का प्रयोग करें। मां को लाल फूलों की माला और मावे की बर्फी अर्पित करें।
मंत्र जाप: अष्टगंध से तिलक करने के बाद कमलगट्टे की माला से इस मंत्र का जाप करें।
सफलता का अंतिम चरण: पूजा संपन्न होने के बाद उन 8 दीपकों को घर की आठों दिशाओं में रख दें। मंत्र सिद्ध किए हुए कमलगट्टों को अपनी तिजोरी या धन स्थान पर स्थापित करें। शास्त्रों का मत है कि इस विधि से न केवल दरिद्रता दूर होती है, बल्कि परिवार में खुशहाली और समाज में प्रतिष्ठा भी बढ़ती है।
