Edited By Niyati Bhandari,Updated: 24 May, 2026 01:52 PM

Nautapa 2026 Start Date: साल 2026 में नौतपा कल यानी 25 मई से शुरू होने जा रहा है। जानिए क्यों रोहिणी नक्षत्र में सूर्य के प्रवेश से बढ़ती है तपिश और इन 9 दिनों में दान-पुण्य का क्या है विशेष महत्व। रोहिणी के शीतल जल को सोखेंगे 'भास्कर', 2 जून तक...
Nautapa 2026 Start Date: वतर्मान समय में गर्मी का मौसम जोर पकड़े हुए है। इस आग में घी का काम करने वाला है नौतपा। वर्ष 2026 में कल यानी 25 मई से नौतपा आरंभ होने जा रहा है, जो 2 जून तक रहेगा। नौतपा यानी 9 दिनों तक अंगारे बरसेंगे। ज्योतिषीय विद्वानों के अनुसार, जिस समय ग्रहों के राजा सूर्य नारायण चंद्रमा के आधिपत्य वाले रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो पृथ्वी पर 9 दिनों तक आग बरसती है। जिसे 'नौतपा' कहते हैं।
नौतपा के दौरान सूर्य की तपिश से वातावरण और व्यक्ति के शरीर में जल का स्तर गिरने लगता है। इन दिनों में जल का सही और पर्याप्त उपयोग करना चाहिए। इस दौरान लू लगने का अधिक खतरा रहता है इसलिए घर से बाहर निकलते समय सावधानी रखना अति आवश्यक होता है।

रोहिणी नक्षत्र और सूर्य का कनेक्शन
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुल 27 नक्षत्रों में रोहिणी का स्थान चौथा है, जिसके स्वामी स्वयं चंद्रमा हैं। चंद्रमा को शीतलता और जल का कारक माना जाता है। वहीं, सूर्य अग्नि तत्व के प्रतीक हैं। जब सूर्य इस शीतल नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो वे इसकी पूरी शीतलता को अवशोषित (सोख) लेते हैं, जिससे वातावरण में जल तत्व की कमी हो जाती है और धरती तपने लगती है। इस दौरान सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी भी कम हो जाती है, जिससे किरणें सीधी और अधिक प्रभावी होकर गिरती हैं।

नौतपा में दान-पुण्य का महत्व
नौतपा के 9 दिन जल बचाने का संदेश दिया जाता है। सूर्य के तेज़ प्रभाव के कारण, इस दौरान पानी का वाष्पीकरण तेजी से होता है, जिसके चलते बहुत सारी नदियां और तालाब सूख जाते हैं। ऐसे में पानी बचाना अवश्यक है। अत: पौधों में जल देना, प्यासों को पानी पिलाना, जल पिलाने के लिए प्याऊ की व्यवस्था करना, जल की बर्बादी न करना ही मानवता की सच्ची सेवा है।

नौतपा के दौरान करें इन वस्तुओं का दान
नौतपा में अपनी सामर्थ्य अनुसार दान कर आप न केवल पुण्य के भागी बन सकते हैं, बल्कि सूर्य देव की कृपा से अपने जीवन को खुशहाल बना सकते हैं। जल, अन्न, शीतलता प्रदान करने वाली चीजें, वस्त्र, चप्पल और दैनिक जीवन की उपयोगी वस्तुएं।

नौतपा में करें सूर्य पूजा
प्रतिदिन सुबह जल्दी उठें और स्नान के बाद सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल चढ़ाकर ॐ सूर्याय नम: मंत्र का जाप करें।
