Edited By Sarita Thapa,Updated: 13 Aug, 2026 04:27 PM

हिंदू धर्म में सावन का माह बहुत शुभ और पवित्र माना जाता है। सावन का महीना आते ही आसपास का माहौल और वातावरण में सुंदरता और हरियाली देखने को मिलती है।
Hariyali Teej 2026 : हिंदू धर्म में सावन का माह बहुत शुभ और पवित्र माना जाता है। सावन का महीना आते ही आसपास का माहौल और वातावरण में सुंदरता और हरियाली देखने को मिलती है। चारों ओर बिखरी हरियाली और रिमझिम फुहारों के बीच मानाया जाने वाला हरियाली तीज का पर्व केवल पति-पत्नी के अटूट प्रेम और सुहाग का प्रतीक है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति हमारी आस्था और कृतज्ञता व्यक्त करने का भी एक महान अवसर है। हरियाली तीज के दिन सिर्फ माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा नहीं की जाती है, बल्कि पेड़ों की पूजा का भी विशेष महत्व है। लेकिन आपने कभी सोचा है कि हरियाली तीज के दिन पेड़ों की पूजा करना इतना शुभ क्यों माना जाता है। तो आइए जानते हैं हरियाली तीज के दिन पेड़ों की पूजा से जुड़े धार्मिक महत्व के बारे में-
हरियाली तीज पर वृक्ष पूजा का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिस तरह वृक्ष विपरीत मौसमों को सहकर भी अडिग रहते हैं और घनी छाया देते हैं, उसी तरह तीज पर पेड़ों की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में स्थिरता आती है और पति की आयु लंबी होती है। सावन का पूरा महीना भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है। माना जाता है कि माता पार्वती ने अपनी घोर तपस्या के बीच पेड़-पौधों और पत्तों के बीच अपनी समय बिताया था। इसलिए, तीज पर वृक्षों को जल चढ़ाने और सिंदूर-धूप अर्पित करने से शिव-पार्वती अत्यंत प्रसन्न होते हैं। साथ ही पेड़ों की पूजा करने से कुंडली में ग्रहों के अशुभ प्रभावों से मुक्ति मिलती है।

किन पेड़ों में होता है देवी-देवताओं का वास
सनातन संस्कृति में प्रकृति को ही ईश्वर का रूप माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, पेड़-पौधे सिर्फ जीवनदायिनी ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि इनमें देवी-देवताओं का साक्षात वास होता है।
बरगद
इसमें त्रिदेवों- ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास माना जाता है। यह अमरता और अखंड सौभाग्य का प्रतीक है।

पीपल का वृक्ष
'श्रीमद्भागवत गीता' में भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं कहा है-वृक्षों में मैं पीपल हूं। पीपल में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का वास होता है
नीम और शमी
नीम में मां दुर्गा का स्वरूप और शमी में भगवान शिव व शनिदेव की कृपा मानी जाती है।
केले और तुलसी का पौध
केले के वृक्ष में भगवान विष्णु,बृहस्पति देव और तुलसी में साक्षात लक्ष्मी जी का वास होता है।

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