Edited By Tanuja,Updated: 22 Aug, 2026 06:24 PM

पहलगाम आतंकी हमले के मामले में NIA पाकिस्तान में मौजूद हाफिज सईद को विदेश मंत्रालय के जरिए कोर्ट का समन भेजने की तैयारी में है। उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी है। पेश न होने पर BNSS की धारा 365 के तहत उसकी गैरमौजूदगी में ट्रायल चलाया जा सकता है।...
Islamabad: भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद पर कानूनी शिकंजा और कसने की तैयारी कर ली है। पाकिस्तान में बैठे हाफिज सईद को अब विदेश मंत्रालय के जरिए अदालत का समन भेजा जाएगा। जम्मू की NIA अदालत पहले ही उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर चुकी है। अगर वह अदालत में पेश नहीं होता है, तो उसकी गैरमौजूदगी में भी मुकदमा आगे बढ़ाया जा सकता है। यानी पाकिस्तान में बैठकर भारतीय अदालत की कार्रवाई से बचना हाफिज सईद के लिए आसान नहीं होगा। पहलगाम आतंकी हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने हाफिज सईद को आरोपी बनाया है। एजेंसी ने उसके खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। अब अदालत की ओर से उसे ट्रायल में शामिल होने के लिए समन भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। चूंकि हाफिज सईद पाकिस्तान में मौजूद है, इसलिए यह समन विदेश मंत्रालय के माध्यम से पाकिस्तान भेजे जाने की तैयारी है। हाफिज सईद के खिलाफ जम्मू की NIA अदालत पहले ही गैर-जमानती वारंट जारी कर चुकी है।
मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर हाफिज सईद समन के बावजूद अदालत में पेश नहीं होता है, तो उसकी गैरमौजूदगी में भी ट्रायल शुरू किया जा सकता है। इसके लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 365 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसे आम तौर पर ट्रायल ऑफ एब्सेंटिया, यानी आरोपी की अनुपस्थिति में मुकदमा चलाने की प्रक्रिया कहा जाता है। इसका मतलब है कि आरोपी के विदेश में होने या अदालत के सामने पेश नहीं होने की वजह से मुकदमे को अनिश्चित समय तक रोका नहीं जाएगा। पहलगाम के बैसरन घाटी में 22 अप्रैल 2025 को आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया था। इस हमले में निर्दोष लोगों की जान गई और पूरे देश में आक्रोश फैल गया। जांच के दौरान NIA ने इस हमले की साजिश और इसके पीछे मौजूद आतंकी नेटवर्क की पड़ताल की। इसी मामले में पाकिस्तान में मौजूद हाफिज सईद को आरोपी बनाया गया है। भारत लंबे समय से हाफिज सईद को आतंकवाद का बड़ा चेहरा मानता रहा है और उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग करता रहा है।
इसी बीच पाकिस्तान के प्लानिंग मिनिस्टर अहसान इकबाल ने भारत के खिलाफ पानी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने भारत द्वारा सिंधु जल संधि को एबेयंस में रखने के फैसले पर चिंता जताते हुए कहा कि पाकिस्तान के सामने पानी को हथियार बनाए जाने का खतरा है। इकबाल का कहना है कि भारत भौगोलिक रूप से ऐसी स्थिति में है जहां से पाकिस्तान की ओर जाने वाली कई नदियां निकलती हैं। उनका आरोप है कि भारत अपनी इस स्थिति का इस्तेमाल पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए कर सकता है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को एबेयंस में रखने का फैसला किया था। भारत का कहना रहा है कि पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद पर प्रभावी कार्रवाई करनी होगी। भारत का रुख है कि आतंकवाद और सामान्य रिश्ते एक साथ नहीं चल सकते। वहीं पाकिस्तान भारत के इस फैसले को एकतरफा और गैरकानूनी बताता रहा है।