कचरे का पहाड़ गिरने से 30 लोगों की मौत व 6 घायल, कई घर और वाहन भी तबाह (Video)

Edited By Updated: 24 Aug, 2026 12:26 PM

landfill collapse in guinea kills at least 30 people

गिनी की राजधानी कोनाक्री के सबसे बड़े लैंडफिल में भारी बारिश के बाद कचरे का विशाल ढेर धंस गया। मलबे में दबने से 30 लोगों की मौत और छह लोग घायल हुए हैं। कई घर और वाहन तबाह हो गए। प्रशासन ने पहले ही इलाका खाली करने का नोटिस दिया था, लेकिन लोग वहां...

Conakry: अफ्रीकी देश गिनी में भारी बारिश के बाद कचरे का एक विशाल पहाड़ अचानक धंस गया और देखते ही देखते आसपास की बस्ती मलबे में दब गई। राजधानी कोनाक्री के सबसे बड़े लैंडफिल में हुए इस हादसे में 30 लोगों की मौत हो गई, जबकि छह लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। कई घर और वाहन भी कचरे के मलबे में दब गए हैं। हादसे के बाद बचाव टीमें लगातार मलबा हटाकर लोगों की तलाश में जुटी हैं।  हादसा रविवार तड़के करीब 2 बजे हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, रात में हुई भारी बारिश के बाद पानी कचरे के विशाल ढेर के ऊपर से बहने लगा। पानी के कारण कचरे के ढेर का संतुलन बिगड़ा और उसका एक बड़ा हिस्सा अचानक नीचे की ओर खिसक गया।  कचरे की चपेट में आसपास बनी कई झोपड़ियां और घर आ गए। जबरदस्त मलबे में कई लोग फंस गए। हादसे की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया।

 

हादसे में अब तक 30 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। बचावकर्मी मलबे में दबे अन्य लोगों की तलाश कर रहे हैं। हादसे में कई घर तबाह हो गए, जबकि कुछ वाहन भी कचरे के मलबे की चपेट में आ गए।  यह हादसा राजधानी कोनाक्री के दार एस सलाम इलाके में स्थित खुले कचरा डंप में हुआ। यह शहर का सबसे बड़ा लैंडफिल बताया जा रहा है।  सैन्य इंजीनियरिंग बटालियन के सफाई अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल बाल्ड मामादो बैलो के मुताबिक, इस लैंडफिल को रविवार को बंद किया जाना था। प्रशासन ने लैंडफिल के आसपास रहने वाले लोगों को पहले ही इलाका खाली करने का नोटिस दिया था। नोटिस के बाद कई लोग वहां से चले भी गए थे, लेकिन हादसे के समय कुछ लोग अब भी इलाके में मौजूद थे।

 

 गौरतलब है कि कई अफ्रीकी शहरों की आबादी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन कचरा निपटाने की व्यवस्था उसी गति से विकसित नहीं हो पाई है। इसका नतीजा यह है कि शहरों के बाहर बड़े-बड़े खुले कचरा डंप बनते जा रहे हैं। जैसे-जैसे इन जगहों पर कचरा बढ़ता है, उसके ढेर ऊंचे और भारी होते जाते हैं। लंबे समय तक दबे रहने के कारण कचरे की परतों के बीच अस्थिरता पैदा हो सकती है। भारी बारिश ऐसे कचरे के ढेर को और खतरनाक बना देती है। पानी कचरे के अंदर पहुंच जाता है और पूरे ढेर का वजन बढ़ जाता है। इसके अलावा पानी के दबाव से कचरे की परतों के बीच पकड़ कमजोर हो सकती है। 

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