Edited By Sarita Thapa,Updated: 31 May, 2026 07:45 AM

खगोल विज्ञान में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। इन दिनों ज्येष्ठ पूर्णिमा की तिथि को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें तेजी से फैल रही है। माना जाता है कि ज्येष्ठ पूर्णिमा की रात साल का सबसे बड़ा चंद्र ग्रहण लगने जा...
Chandra Grahan 2026 : खगोल विज्ञान में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। इन दिनों ज्येष्ठ पूर्णिमा की तिथि को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें तेजी से फैल रही है। माना जाता है कि ज्येष्ठ पूर्णिमा की रात साल का सबसे बड़ा चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। कहा जाता है कि जब एक ही माह में दो बार पूर्णिमा तिथि आती है, तो दूसरी पूर्णिमा को ब्लू मून कहा जाता है। इस दिन चंद्रमा मंगल ग्रह की राशि वृश्चिक में गोचर कर रहे हैं, इसलिए ज्येष्ठ पूर्णिमा को स्कॉर्पियो ब्लू मून का नाम दिया गया है। मान्यता है कि इस दिन पूरे विधि-विधान के साथ श्री हरि, माता लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा करने से जीवन में आने वाली हर परेशानी से छुटकारा मिलता है और जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है। तो आइए जानते हैं कि 31 मई की रात को चंद्र ग्रहण लगेगा या नहीं।
क्या 31 मई को चंद्र ग्रहण लगेगा या नहीं ?
खगोलीय गणनाओं के अनुसार, 31 मई की रात को चंद्र ग्रहण नहीं लगेगा। क्योंकि साल 2026 में कुल दो चंद्र ग्रहणों का योग है। पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 को लग चुका है और साल का दूसरा चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को सुबह 8 बजकर 04 मिनट से लगेगा और 11 बजकर 22 मिनट पर इसका समापन होगा। ये ग्रहण अफ्रीका, उत्तर दक्षिण अमेरिका, यूरोप, दक्षिणी पश्चिमी एशिया के देशों, अफगानिस्तान, सऊदी अरब, पाकिस्तान, इराक, ईरान और हिंद-प्रशांत महासागर में दिखाई देगा। इस दिन सूतक काल को लेकर चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है, इस दिन सामान्य रूप से पूजा-पाठ और स्नान-दान कर सकते हैं।

क्या इस रात ब्लू मून दिखाई देगा ?
खगोलीय गणनाओं के अनुसार, जब किसी एक ही अंग्रेजी कैलेंडर महीने में दो बार पूर्णिमा आ जाए, तो दूसरी पूर्णिमा के चांद को ब्लू मून कहा जाता है। मई 2026 के महीने में दूसरी पूर्णिमा 31 मई को पड़ रही है, इसलिए यह कोई ब्लू मून नहीं है। 31 मई की पूर्णिमा धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हो सकती है, लेकिन इसे ब्लू मून की श्रेणी में नहीं रखा जाता। इसलिए इस दिन चंद्रमा सामान्य पूर्णिमा की तरह ही दिखाई देगा। उसके रंग में कोई विशेष परिवर्तन देखने को नहीं मिलेगा।

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