Jyeshtha Masik Shivratri: 27 वर्षों का इंतजार खत्म! ज्येष्ठ अधिक मास में शिवरात्रि पर गौरी योग का दुर्लभ महासंयोग, इस शुभ मुहूर्त में पूजा करने से महादेव बरसाएंगे दोगुनी कृपा

Edited By Updated: 12 Jun, 2026 07:43 AM

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Jyeshtha Masik Shivratri 2026: ज्येष्ठ अधिक मास की शिवरात्रि 2026 पर 27 साल बाद बन रहा है दुर्लभ गौरी योग। जानें 13 जून का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इस योग का आपकी राशि पर प्रभाव।

Jyeshtha Masik Shivratri 2026: हिंदू धर्म में मासिक शिवरात्रि का अपना एक विशेष आध्यात्मिक महत्व है, लेकिन साल 2026 की ज्येष्ठ शिवरात्रि भक्तों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आ रही है।  इस बार ज्येष्ठ अधिक मास में एक ऐसा दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग बन रहा है, जो पूरे 27 साल के लंबे इंतजार के बाद देखने को मिलेगा। ज्योतिषविदों के अनुसार, इस खास दिन भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त पूजा से भक्तों को सामान्य से दोगुना फल प्राप्त होगा।

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क्या है 'गौरी योग' का दुर्लभ संयोग?
इस साल की ज्येष्ठ शिवरात्रि इसलिए खास है क्योंकि इस दिन चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में गोचर करेंगे। चंद्रमा और वृषभ राशि के इस मिलन से आकाशमंडल में गौरी योग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना गया है। लगभग 27 वर्षों बाद ज्येष्ठ शिवरात्रि के दिन चंद्रमा का अपनी उच्च राशि में होना भक्तों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

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शुभ मुहूर्त और तिथि
पंचांग गणना के अनुसार, ज्येष्ठ अधिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 13 जून 2026 को शाम 04 बजकर 07 मिनट पर होगी। इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 14 जून 2026 को दोपहर 12 बजकर 19 मिनट पर होगा। चूंकि मासिक शिवरात्रि की पूजा प्रदोष काल (शाम के समय) में करने का विधान है, इसलिए 13 जून 2026, शनिवार को ही शिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शिवरात्रि का दिन आध्यात्मिक रूप से अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इस बार गौरी योग में शिव-शक्ति की आराधना करने से न केवल वैवाहिक जीवन के कष्ट समाप्त होते हैं, बल्कि जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन भी होता है। यदि आपके वैवाहिक जीवन में परेशानियां चल रही हैं या विवाह में देरी हो रही है, तो शास्त्रों में कुछ चमत्कारी उपायों का उल्लेख किया गया है।

मैरिड लाइफ की कड़वाहट होगी दूर
आजकल के भागदौड़ भरे जीवन में यदि दंपत्ति के बीच दूरियां बढ़ रही हैं या कोई तीसरा व्यक्ति आपके रिश्तों में दरार डाल रहा है, तो ज्येष्ठ अधिक मास की शिवरात्रि पर विशेष उपाय करने चाहिए। विद्वानों के अनुसार, अगर पति-पत्नी एक साथ मिलकर भगवान शंकर और माता पार्वती की पूजा करते हैं, तो उनके बीच प्यार बढ़ता है और आपसी मनमुटाव दूर हो जाते हैं।

शादी में आ रही बाधाओं के लिए अचूक उपाय
जिन युवाओं के विवाह में निरंतर विलंब हो रहा है, उनके लिए मासिक शिवरात्रि का व्रत रामबाण माना गया है। इससे शीघ्र विवाह के योग बनते हैं। इसके अलावा, महाशिवरात्रि के दिन विवाह का संकल्प लेकर 108 बेल पत्र पर 'श्रीराम' लिखकर शिवलिंग पर अर्पित करना विशेष फलदायी होता है।

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घर में सुख-शांति के लिए करें ये विशेष अनुष्ठान:
रुद्राभिषेक: शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर गाय के दूध से रुद्राभिषेक करें। यदि बाहर जाना संभव न हो, तो घर पर ही पार्थिव शिवलिंग बनाकर पूजन किया जा सकता है।

अखंड दीप: महाशिवरात्रि पर इस बात का विशेष ध्यान रखें कि भगवान शिव की प्रतिमा के समक्ष घर में 24 घंटे अखंड दीप जलता रहे।

मंत्र और पाठ: विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए दुर्गासप्तशती का पाठ और सिद्धि कुंजिकास्तोत्र का 18 बार पाठ करना आपको प्रेम और विवाह के अटूट बंधन में बांध सकता है।

व्रत के नियम
मान्यता है कि इस दिन यदि संभव हो तो निर्जला व्रत रखना चाहिए, क्योंकि इसका फल अधिक मिलता है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि भक्तों को अपनी सेहत और उम्र को ध्यान में रखकर ही निर्जला व्रत का संकल्प लेना चाहिए। जो भी भक्त सच्चे मन से महाशिवरात्रि पर इन उपायों को अपनाता है, भोलेनाथ प्रसन्न होकर उन्हें सुखी गृहस्थ जीवन का वरदान देते हैं।

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