Edited By Sarita Thapa,Updated: 26 Jul, 2026 12:56 PM

हिंदू धर्म में जया पार्वती व्रत को माता पार्वती की पूजा और उनका आशीवाद प्राप्त करने के लिए बहुत शुभ और खास माना जाता है। हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन जया पार्वती का व्रत रखा जाता है।
Jaya Parvati Vrat 2026 : हिंदू धर्म में जया पार्वती व्रत को माता पार्वती की पूजा और उनका आशीवाद प्राप्त करने के लिए बहुत शुभ और खास माना जाता है। हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन जया पार्वती का व्रत रखा जाता है। भगवान शिव और माता पार्वती को प्रसन्न करने के लिए यह कठिन व्रत 5 दिनों में पूरा किया जाता है। माना जाता है कि इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव की आरधना करने और उपवास रखने से वैवाहिक जीवन में खुशहाली और मधुरता बनी रहती है और कन्याओं को मनचाहे वर की प्राप्ति होती है। तो आइए जानते हैं जया पार्वती व्रत के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में-
जया पार्वती व्रत की तिथि
पंचांग के अनुसार, इस साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 26 जुलाई को दोपहर 01 बजकर 57 मिनट पर शुरू हो रही है और इसका समापन 27 जुलाई को शाम 04 बजकर 14 मिनट पर होगा। ऐसे में जया पार्वती का व्रत सोमवार 27 जुलाई 2026 से शुरू होगा और जया पार्वती व्रत का समापन 01 अगस्त, शनिवार को होगा।
जया पार्वती व्रत पूजा शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, जया पार्वती की पूजा के लिए प्रदोष काल का शुभ मुहूर्त 27 जुलाई को शाम 07 बजकर 15 मिनट पर शुरू होगा और रात 09 बजकर 20 मिनट तक रहेगा।
जया पार्वती पूजा विधि
जया पार्वती व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र धारण करके व्रत का संकल्प लें।
इसके बाद घर के मंदिर की सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव करें।
अब एक चौकी पर माता पार्वती और शिव जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
इसके बाद माता पार्वती को लाल रंग की चुनरी और सुहाग की सामग्री चढ़ाएं।
फिर माता पार्वती के सामने घी का दीपक जलाएं और खीर का भोग लगाएं।
अंत में जया पार्वती व्रत कथा पढ़ें और अंत में आरती करें।
शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ