बंद ताले से किस्मत खोलती हैं मां काली

Edited By Updated: 18 Jun, 2020 10:25 AM

lock temple of kanpur

उत्तर प्रदेश के कानपुर के मध्य बिरहना रोड स्थित बंगाली मोहल्ले में करीब 300 साल पुराना मां काली का मंदिर है। इस मंदिर की एक विशेषता यह है कि यहां सच्चे मन से ताला लगाकर मांगी गई मुराद जरूर पूरी होती है।

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उत्तर प्रदेश के कानपुर के मध्य बिरहना रोड स्थित बंगाली मोहल्ले में करीब 300 साल पुराना मां काली का मंदिर है। इस मंदिर की एक विशेषता यह है कि यहां सच्चे मन से ताला लगाकर मांगी गई मुराद जरूर पूरी होती है। मनोकामना पूरी होने पर भक्त पुन: ताला भी खोलने यहां आते हैं।

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मंदिर के पुजारी ने बताया कि मनोकामना पूरी होने के बाद भक्त पुन: मंदिर आकर दोबारा स्वयं द्वारा बांधे गए ताले की पूजा करता है। इसके बाद वह चाबी से ताला खोल देता है।

मंदिर के पुजारी ने एक चमत्कारी घटना बताई कि एक व्यक्ति मंदिर में आया था। उसके ऊपर हत्या का मुकद्दमा चल रहा था। उसने मंदिर में आकर माता से प्रार्थना की कि माता मैं निर्दोष हूं, अब आप ही मेरी रक्षा करो।

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उसको रोता देखकर पुजारी ने कहा कि तुम एक ताला लाकर मंदिर में लगा दो, तुम्हारी मनोकामना पूरी होगी। 

उस व्यक्ति ने मंदिर में ताला लगाया और माता से कहा कि अगर मेरी मुराद पूरी हो गई तो अपनी जुबान काट कर आपके चरणों में चढ़ा दूंगा।

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व्यक्ति कोर्ट चला गया और वहां उसको बरी कर दिया गया। व्यक्ति ने अपनी जुबान काटकर माता को चढ़ा दी। एक हफ्ते तक वह मंदिर में ही रहा और पुजारी उसको मंदिर के घट का जल पिलाते रहे और उसका खून बंद हो गया, सातवें दिन उसको प्रसाद दिया गया तो उसने गूंगी भाषा में पूछा कि यह क्या है तो पुजारी ने कहा कि खा लो। जब पुजारी ने नहीं बताया तो उसके मुंह से आवाज निकली कि क्या यह अन्न है? तब उसको पता चला कि जुबान वापस आ गई। उस दिन से मंदिर में ताला लगाने की परम्परा आरंभ हो गई।

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