‘लिपुलेख हमारा इलाका है’, मानसरोवर यात्रा पर नेपाल ने भारत को दिखाए तेवर
Edited By Sarita Thapa,Updated: 04 May, 2026 08:17 AM

काठमांडू (इंट.): भारत सरकार की ओर से कैलाश मानसरोवर यात्रा का ऐलान किए जाने पर नेपाल ने कड़ा एतराज जताया है। एतराज की वजह इस यात्रा के उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में लिपुलेख दर्रे से जाना है।
काठमांडू (इंट.): भारत सरकार की ओर से कैलाश मानसरोवर यात्रा का ऐलान किए जाने पर नेपाल ने कड़ा एतराज जताया है। एतराज की वजह इस यात्रा के उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में लिपुलेख दर्रे से जाना है। नेपाल ने भारत के साथ-साथ चीन के सामने भी विरोध दर्ज कराया है क्योंकि यह यात्रा बीजिंग के सहयोग से हो रही है। यह यात्रा इस साल जून से अगस्त के बीच होगी। यात्रा के लिए भारत के ऐलान और इसमें चीन के सहयोग ने नेपाल को नाराज कर दिया है।
नेपाल ने दावा किया है कि लिपुलेख उसका क्षेत्र है। ऐसे में भारत का इस इलाके पर दावा और यहां से यात्रा का ऐलान करना गलत है। नेपाल की बालेन शाह की सरकार ने भारत के लिपुलेख के रास्ते चीन से व्यापार शुरू करने के फैसले पर भी गुस्से का इजहार किया है। नेपाल के विदेश मंत्रालय की ओर से रविवार को इस पर प्रतिक्रिया दी गई है।

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