Edited By Anu Malhotra,Updated: 04 May, 2026 12:47 PM

Assam Election Results 2026: असम विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के शुरुआती रुझानों ने राज्य की सियासत की तस्वीर लगभग साफ कर दी है। सुबह 8 बजे से शुरू हुई वोटों की गिनती में Himanta Biswa Sarma के नेतृत्व वाला National Democratic Alliance तेजी से बढ़त...
Assam Election Results 2026: असम विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में एक बार फिर बड़ा संदेश दिया है। Bharatiya Janata Party के नेतृत्व वाला गठबंधन 126 में से 99 सीटों पर बढ़त बनाकर प्रचंड जीत की ओर बढ़ रहा है। यह रुझान साफ संकेत दे रहे हैं कि Himanta Biswa Sarma के नेतृत्व में बीजेपी न सिर्फ सत्ता में वापसी कर रही है, बल्कि लगातार तीसरी बार सरकार बनाकर इतिहास रचने की कगार पर है। शुरुआती आंकड़ों से ही यह स्पष्ट हो गया है कि इस बार का जनादेश सिर्फ जीत नहीं, बल्कि एक मजबूत और निर्णायक समर्थन का संकेत है, जिसके पीछे कई राजनीतिक और सामाजिक कारण छिपे हुए हैं।
126 सीटों वाली विधानसभा में NDA 99 से ज्यादा सीटों पर आगे चल रहा है, जो बहुमत के आंकड़े 64 से काफी ऊपर है। अगर ये रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो असम में बीजेपी लगातार तीसरी बार सरकार बनाकर ‘हैट्रिक’ दर्ज करेगी।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा अपनी पारंपरिक सीट जालुकबारी से भारी अंतर से आगे चल रहे हैं, जो उनकी व्यक्तिगत लोकप्रियता को दर्शाता है। दूसरी तरफ विपक्ष के लिए तस्वीर काफी चुनौतीपूर्ण नजर आ रही है। Gaurav Gogoi जोरहाट सीट पर कड़े मुकाबले में पीछे चल रहे हैं। वहीं Akhil Gogoi और Lurinjyoti Gogoi भी अपनी-अपनी सीटों पर पिछड़ते दिख रहे हैं, जिससे विपक्षी खेमे की चिंता बढ़ गई है।
हिमंता बिस्वा सरमा का नेतृत्व
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बढ़त के पीछे कई अहम कारण हैं। सबसे बड़ा कारण हिमंता बिस्वा सरमा का नेतृत्व माना जा रहा है, जिन्होंने अपनी सक्रिय कार्यशैली और जनता से सीधा जुड़ाव बनाकर मजबूत जनाधार तैयार किया। इसके अलावा 2023 में हुए परिसीमन ने भी चुनावी समीकरण बदल दिए, जिससे कई सीटों पर बीजेपी को फायदा मिला।
सरकार की योजनाओं का बड़ा असर
सरकार की योजनाओं ने भी बड़ा असर डाला है। महिलाओं और गरीब वर्ग के लिए चलाई गई योजनाएं, खासकर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, ग्रामीण इलाकों में काफी प्रभावी रही हैं। खास तौर पर Orunodoi Scheme ने महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक सीधा आर्थिक सहयोग पहुंचाकर उनका भरोसा जीता। इस योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय मदद ने कई घरों में रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में राहत दी, जिससे बड़ी संख्या में महिला मतदाता सरकार के साथ जुड़ी नजर आईं।
इसके साथ ही Direct Benefit Transfer (DBT) के जरिए सब्सिडी और अन्य लाभ सीधे लोगों के बैंक खातों में पहुंचाए गए, जिससे पारदर्शिता बढ़ी और बिचौलियों की भूमिका कम हुई। इसका असर खासकर ग्रामीण इलाकों में ज्यादा दिखा, जहां लोगों को योजनाओं का सीधा फायदा मिला।
UCC लागू करने के वादे
चुनाव के दौरान बीजेपी ने ‘अवैध घुसपैठ’ और जमीन पर अतिक्रमण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और इस पर सख्त कार्रवाई का संदेश दिया। पार्टी ने साफ तौर पर कहा कि सरकारी जमीनों को खाली कराया जाएगा और अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। इसके साथ ही Uniform Civil Code यानी समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा भी किया गया, जिसे एक बड़े सामाजिक और कानूनी बदलाव के रूप में पेश किया गया।
बिखरा हुआ विपक्ष
वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष बिखरा हुआ नजर आया। Indian National Congress गठबंधन के भीतर तालमेल की कमी और वोटों के बंटवारे ने बीजेपी को सीधा फायदा पहुंचाया। जिन इलाकों में विपक्ष को बढ़त की उम्मीद थी, वहां भी बीजेपी ने मजबूत प्रदर्शन किया है।
फिलहाल रुझान यही संकेत दे रहे हैं कि असम की जनता ने एक बार फिर स्थिर सरकार और विकास के एजेंडे पर भरोसा जताया है। दोपहर तक तस्वीर और साफ हो जाएगी, लेकिन अभी के संकेत बीजेपी के लिए बड़ी जीत की ओर इशारा कर रहे हैं।