Edited By Niyati Bhandari,Updated: 29 Apr, 2026 02:18 PM

Narasimha Jayanti 30 April 2026 Upvas Rules: अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा करने और हिरण्यकशिपु के आतंक को समाप्त करने के लिए भगवान ने श्री नृसिंह अवतार लिया। जिस दिन भगवान धरती पर अवतरित हुए उस दिन वैशाख मास की चतुर्दशी थी। इसी कारण यह दिन नृसिंह...
Narasimha Jayanti 30 April 2026 Upvas Rules: अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा करने और हिरण्यकशिपु के आतंक को समाप्त करने के लिए भगवान ने श्री नृसिंह अवतार लिया। जिस दिन भगवान धरती पर अवतरित हुए उस दिन वैशाख मास की चतुर्दशी थी। इसी कारण यह दिन नृसिंह जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस बार 30 अप्रैल को नृसिंह जयंती का उपवास है।

नृसिंह जयंती व्रत की तैयारी
व्रत से एक दिन पूर्व ही घर की सफाई कर पूजा स्थल को शुद्ध कर लें।
Narasimha Jayanti vrat vidhi कैसे करें नृसिंह जयंती व्रत
इस दिन प्रात: सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नानादि क्रियाओं से निपटकर भगवान विष्णु जी के नृसिंह रूप की विधिवत धूप, दीप, नेवैद्य, पुष्प एवं फलों से पूजा एवं अर्चना करनी चाहिए तथा विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करना चाहिए। सारा दिन उपवास रखें तथा जल भी ग्रहण न करें। सांयकाल को भगवान नृसिंह जी का दूध, दही, गंगाजल, शहद, चीनी के साथ ही गाय के मक्खन अथवा घी आदि से अभिषेक करने के पश्चात चरणामृत लेकर फलाहार करना चाहिए।
इस दिन “ॐ नृसिंहाय नमः” मंत्र का जाप अत्यंत फलदायी माना जाता है। साथ ही नृसिंह स्तोत्र या कथा का पाठ करें, जिसमें भक्त प्रह्लाद की भक्ति और भगवान की कृपा का वर्णन होता है।
उपवास और नियम
इस दिन कुछ लोग निर्जला व्रत करते हैं, जबकि कुछ फलाहार ग्रहण करते हैं। दिन भर मन, वचन और कर्म से पवित्र रहने का प्रयास करें। क्रोध, झूठ और नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए।
संध्या पूजन का महत्व
नृसिंह भगवान का प्रकट होना संध्या काल में माना जाता है, इसलिए शाम के समय विशेष पूजा का महत्व है। इस समय दीपक जलाकर आरती करें और भगवान से अपने तथा परिवार की रक्षा की प्रार्थना करें।
