Edited By Sarita Thapa,Updated: 21 Aug, 2026 11:02 AM

रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपनी भाई की कलाई में बड़े प्यार और श्रद्धा भाव के साथ उनकी कलाी पर राखी बांधती है। यह धागा केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि भाई-बहन के अटूट प्रेम और सुरक्षा का संकल्प होता है।
Raksha Bandhan Rules After Festival : रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपनी भाई की कलाई में बड़े प्यार और श्रद्धा भाव के साथ उनकी कलाी पर राखी बांधती है। यह धागा केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि भाई-बहन के अटूट प्रेम और सुरक्षा का संकल्प होता है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि त्योहार बीत जाने के बाद राखी को कब तक बांधकर रखना चाहिए और इसे उतारने का धर्मिक नियन क्या है। तो आइए जानते हैं इससे जुड़े कुछ नियम के बारे में-
राखी उतारने के नियम
पितृ पक्ष से पहले
शास्त्रों के अनुसार, रक्षाबंधन के बाद राखी को पितृ पक्ष शुरू होने से पहले उतार देना चाहिए, क्योंकि अशुद्ध काल और श्राद्ध शुरू होने पर कलाई पर राखी बंधे रहना शुभ नहीं माना जाता है।
जन्माष्टमी का दिन
कई लोग श्री कृष्ण जन्माष्टमी तक अपनी कलाई पर राखी बांधकर रखते हैं। इस दिन श्रीकृष्ण का धन्यवाद करके राखी को उतार देना चाहिए।
24 घंटे या अगले दिन
कुछ शास्त्रों के अनुसार, त्योहार खत्म होने के अगले दिन या 24 घंटे के पूरे होने के बाद शुभ मुहूर्त देखकर राखी उतारी जा सकती है।

उतारी गई राखी का क्या करें?
राखी को किसी पवित्र नदी, बहते जल या जलाशय में प्रवाहित कर दें।
यदि आसपास नदी न हो, तो राखी को किसी पीपल, बरगद या तुलसी के पौधे की मिट्टी में सम्मानपूर्वक दबा दें।
आप चाहें तो इसे किसी लाल कपड़े में लपेटकर अपने पूजा घर में safe रख सकते हैं और अगले वर्ष पुरानी राखी को जल में प्रवाहित कर सकते हैं।
