Edited By Sarita Thapa,Updated: 06 Jun, 2026 12:17 PM

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर की सुरक्षा के लिए विकसित त्रिनेत्र – AI-आधारित वीडियो सर्विलांस सिस्टम को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के लिए चुना गया है। यह उपलब्धि न केवल महाकाल मंदिर प्रशासन बल्कि पूरे उज्जैन और प्रदेश के लिए गर्व का...
Shri Mahakaleshwar Temple news : विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर की सुरक्षा के लिए विकसित त्रिनेत्र – AI-आधारित वीडियो सर्विलांस सिस्टम को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के लिए चुना गया है। यह उपलब्धि न केवल महाकाल मंदिर प्रशासन बल्कि पूरे उज्जैन और प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।
महाकाल रुद्रसागर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट एरिया यानी MRIDA के तहत संचालित इस अत्याधुनिक परियोजना में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI की मदद से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों की चौबीसों घंटे निगरानी की जाती है। सिस्टम में उन्नत फेसियल रिकॉग्निशन, वाहन नंबर प्लेट पहचान (ANPR), रियल-टाइम वीडियो एनालिटिक्स और भीड़ प्रबंधन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है।
कलेक्टर रोशन कुमार सिंह के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को तकनीक से सशक्त बनाना और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना था। पुरस्कार चयन से पहले केंद्र सरकार की टीम ने उज्जैन पहुंचकर परियोजना का निरीक्षण किया था। इसके बाद 13 सदस्यीय राष्ट्रीय ज्यूरी के समक्ष परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसके आधार पर त्रिनेत्र का चयन किया गया।
उज्जैन स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत स्थापित इस नेटवर्क में 500 से अधिक AI-सक्षम कैमरे लगाए गए हैं, जो संदिग्ध गतिविधियों की पहचान, भीड़ नियंत्रण और जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाते हैं। राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 का सम्मान 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में प्रदान किया जाएगा। इस उपलब्धि ने उज्जैन को एक स्मार्ट, सुरक्षित और तकनीक-सक्षम धार्मिक नगरी के रूप में राष्ट्रीय पहचान दिलाई है।
(विशाल ठाकुर)
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