Edited By Sarita Thapa,Updated: 16 Apr, 2026 01:43 PM

हिंदू धर्म में सीता नवमी का खास महत्व है। सीता नवमी को सीता जन्मोत्सव या जानकी जयंती के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू कैलेंडर की अनुसार, सीता नवमी वैशाख माह शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है।
Sita Navami Upay : हिंदू धर्म में सीता नवमी का खास महत्व है। सीता नवमी को सीता जन्मोत्सव या जानकी जयंती के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू कैलेंडर की अनुसार, सीता नवमी वैशाख माह शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है। माना जाता है कि इस दिन पूरे विधि-विधान के साथ व्रत रखने और माता सीता की पूजा करने से मन की हर मनोकामना पूरी होती है और शादीशुदा जीवन में खुशहाली बनी रहती है। अगर इस दिन पूजा और व्रत के साथ कुछ खास उपाय किया जाए तो विवाह में आ रही रुकावटें दूर हो जाती है। तो आइए जानते हैं इस दिन किए जानते वाले उपायों के बारे में-
सीता जयंती 2026 के उपाय
सीता नवमी के दिन पूरे विधि-विधान के साथ माता सीता की पूजा करें और उन्हें श्रृंगार का सामना चढ़ाएं और साथ में माता सीता के मंत्रों का जाप करें। माना जाता है कि इस उपाय को करने से वैवाहिक जीवन में प्यार की मिठास बनी रहती है और जीवन की सारी परेशानी दूर हो जाती है।

सीता नवमी के दिन पूरे सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और लाल रंग के वस्त्र धारण करें। इसके बाद एक चौकी पर माता सीता की तस्वीर रख दें और जानकी स्तोत्र का पाठ करें। इस उपाय को करने से जल्द शादी के योग बनते हैं और मनचाहे साथी की प्राप्ति होती है।
सीता नवमी के शुभ अवसर पर सोलह शृंगार की सामग्री किसी ब्राह्मण स्त्री को दान करें। इस उपाय को करने से माता सीता और प्रभु श्री राम का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जिससे प्रेम विवाह में अचड़ने आ रही हैं वह दूर हो जाती है।

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