Edited By Niyati Bhandari,Updated: 30 May, 2026 11:25 AM

प्रीम कोर्ट ने बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) एक्ट से जुड़े एक मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को बड़ी राहत दी है। शीर्ष अदालत ने उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दी गई अग्रिम जमानत को बरकरार रखा है।
नई दिल्ली (एजैंसी): सुप्रीम कोर्ट ने बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) एक्ट से जुड़े एक मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को बड़ी राहत दी है। शीर्ष अदालत ने उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दी गई अग्रिम जमानत को बरकरार रखा है। न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी की याचिका खारिज कर दी। शिकायतकर्ता ब्रह्मचारी ने दलील दी थी कि हाईकोर्ट अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ आरोपों की गंभीरता पर पर्याप्त रूप से विचार करने में विफल रहा।
शिकायतकर्ता की ओर से पेश हुए अधिवक्ता सौरभ अजय गुप्ता ने बताया कि अविमुक्तेश्वरानंद ने शिक्षा देने के बहाने नाबालिगों का ‘यौन शोषण’ किया। उन्होंने कहा, ‘यह पॉक्सो अधिनियम के तहत एक बेहद जघन्य अपराध है। हाईकोर्ट ने इस मुद्दे को यांत्रिक तरीके से निपटाया है।’
पीठ ने याचिकाकर्ता से नाबालिगों से कथित दुर्व्यवहार के बारे में जानकारी होने का दावा करने के बावजूद पुलिस के पास जाने में देरी के बारे में सवाल करते हुए कहा, ‘माफ कीजिए, हम इसमें हस्तक्षेप नहीं करेंगे।’