Surya Grahan 2026 : सूरज पर लगेगा ग्रहण का पहरा, जानें साल के दूसरे सूर्य ग्रहण की तारीख और सही समय

Edited By Updated: 12 Apr, 2026 02:49 PM

surya grahan 2026

खगोल विज्ञान के प्रेमियों और ज्योतिष में आस्था रखने वालों के लिए साल 2026 एक बहुत ही महत्वपूर्ण वर्ष साबित होने वाला है। इस साल ब्रह्मांड में कई बड़ी हलचलें होने वाली हैं, जिनमें से साल का दूसरा सूर्य ग्रहण सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है।

Surya Grahan 2026 : खगोल विज्ञान के प्रेमियों और ज्योतिष में आस्था रखने वालों के लिए साल 2026 एक बहुत ही महत्वपूर्ण वर्ष साबित होने वाला है। इस साल ब्रह्मांड में कई बड़ी हलचलें होने वाली हैं, जिनमें से साल का दूसरा सूर्य ग्रहण सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है। जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच आकर सूरज की रोशनी को पूरी तरह या आंशिक रूप से रोक देता है, तो उसे सूर्य ग्रहण कहा जाता है। लेकिन 12 अगस्त 2026 को होने वाली यह घटना केवल एक सामान्य खगोलीय दृश्य नहीं है, बल्कि वैज्ञानिकों के लिए शोध का एक बड़ा अवसर भी है। ऐसे में हर किसी के मन में यह सवाल है कि क्या इस बार दिन में अंधेरा छाएगा या नहीं। तो आइए जानते हैं कि इस ग्रहण का सही समय क्या है और भारत के संदर्भ में इसका क्या महत्व रहने वाला है।

Surya Grahan 2026

सूर्य ग्रहण 2026 डेट और टाइम
वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, इस वर्ष 12 अगस्त को हरियाली अमावस्या का पर्व मनाया जाएगा, और इसी महत्वपूर्ण तिथि पर साल का दूसरा सूर्य ग्रहण भी घटित होने जा रहा है। सूर्य ग्रहण का आरंभ 12 अगस्त की रात को 09:04 बजे होगा, जो अगले दिन यानी 13 अगस्त की सुबह 04:25 बजे समाप्त होगा। चूंकि यह ग्रहण भारतीय आकाश में दिखाई नहीं देगा, इसलिए धार्मिक दृष्टि से इसका सूतक काल भारत में प्रभावी नहीं होगा। श्रद्धालु बिना किसी संशय के अपनी नियमित पूजा और अमावस्या के अनुष्ठान संपन्न कर सकेंगे।

दुनिया में कहां-कहां दिखाई देगा?
ग्रीनलैंड, आइसलैंड और स्पेन में इसे पूर्ण रूप से देखा जा सकेगा। रूस के कुछ हिस्सों और पुर्तगाल में भी इसका आंशिक प्रभाव रहेगा। यूरोप के बड़े हिस्से में शाम के वक्त यह एक अद्भुत खगोलीय नजारा पेश करेगा।

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भारत पर क्या होगा इसका प्रभाव?
भौगोलिक स्थिति के कारण 12 अगस्त 2026 का यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। यह मुख्य रूप से पश्चिमी देशों और उत्तरी ध्रुवीय क्षेत्रों तक सीमित रहेगा। शास्त्रों के अनुसार, जो ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देता, उसका सूतक काल यहां मान्य नहीं होता। इसलिए, भारत में रहने वाले लोगों को दैनिक पूजा-पाठ या खान-पान के नियमों को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

ग्रहण के दौरान सावधानियां 
सूर्य को कभी भी नंगी आंखों से न देखें। इसके लिए विशेष सोलर फिल्टर या ग्रहण चश्मे का उपयोग करें।

गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान सीधे प्रकाश में आने से बचना चाहिए।

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