Edited By Sarita Thapa,Updated: 13 May, 2026 04:44 PM

हिंदू धर्म में वैसे तो हर संक्रांति का खास महत्व होता है। साल भर में 12 संक्रांति मनाई जाती है। जब सूर्य एक निश्चित समय के बाद एक राशि के दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तब संक्रांति का पर्व मनाया जाता है।
Vrishabha Sankranti 2026 : हिंदू धर्म में वैसे तो हर संक्रांति का खास महत्व होता है। साल भर में 12 संक्रांति मनाई जाती है। जब सूर्य एक निश्चित समय के बाद एक राशि के दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तब संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। सूर्य देव को ग्रहों का राजा माना जाता है। इस समय सूर्य मंगल की राशि मेष में विराजमान हैं लेकिन 15 मई 2026 को शुक्र की राशि वृषभ में गोचर करेंगे। सूर्य के वृषभ राशि में गोचर करते ही वृषभ संक्रांति शुरू हो जाएगी। माना जाता है कि इस दिन पुरे विधि-विधान के साथ सूर्य देव की पूजा करने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और शुभ फलों की प्राप्ति होती है। तो आइए जानते हैं वृषभ संक्रांति के शुभ मुहूर्त और शुभ योग के बारे में-
Vrishabha Sankranti 2026 Shubh Muhurat वृषभ संक्रांति 2026 के शुभ मुहूर्त
इस दिन 15 मई 2026 को सूर्य देव सुबह 6 बजकर 28 मिनट पर वृषभ राशि में प्रवेश कर करेंगे। इसलिए वृषभ संक्रांति 15 मई को मनाई जाएगी। इस दिन पुण्य काल सुबह 5 बजकर 30 मिनट से शुरू होगी और यह सुबह 6 बजकर 28 मिनट तक रहेगा।

Vrishabha Sankranti 2026 Shubh Sanjog वृषभ संक्रांति 2026 शुभ संयोग
वृषभ संक्रांति इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह में 05 बजकर 30 मिनट से शुरू होगा और रात 08 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। यह दिन सारे कार्य पूर्ण करने के लिए बहुत खास माना जाता है। ऐसे शुभ मौके पर सूर्य देव को सूर्योदय के समय अर्घ्य देने और उनके मंत्रों का जाप करने से जीवन में आने वाली हर परेशानी दूर होती है और शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

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