Edited By Sarita Thapa,Updated: 23 May, 2026 12:53 PM

हिंदू धर्म में हर एक एकादशी का विशेष महत्व है। साल में कुल 24 एकादशी मनाई जाती है। यह सारी एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित होती है। वहीं, ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पद्मिनी एकादशी कहा जाता है।
Padmini Ekadashi 2026 : हिंदू धर्म में हर एक एकादशी का विशेष महत्व है। साल में कुल 24 एकादशी मनाई जाती है। यह सारी एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित होती है। वहीं, ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पद्मिनी एकादशी कहा जाता है। माना जाता है कि इस दिन पूरे विधि-विधान के साथ और सच्चे मन से श्री हरि की पूजा करने से जीवन में आने वाली हर परेशानी दूर हो जाती है और शुभ फलों का प्राप्ति होती है। साथ ही इस दिन विष्णु जी की पूजा के साथ उनके कुछ मंत्रों और नामों का जाप करने घर में सुख-शांति बनी रहती है और व्यक्ति को वैकुंठ धाम यानी भगवान विष्णु का धाम में स्थान मिलने का लाभ मिलता है। तो आइए जानते हैं अधिक मास की पद्मिनी एकादशी के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में-
Padmini Ekadashi 2026 Shubh Muhurat पद्मिनी एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, पद्मिनी एकादशी की शुरुआत 26 मई को सुबह 5 बजकर 10 मिनट से होगी। वहीं, इसका समापन 27 मई को सुबह 6 बजकर 21 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार, पद्मिनी एकादशी व्रत 27 मई 2026, बुधवार के दिन रखा जाएगा।

Padmini Ekadashi 2026 Puja Vidhi पद्मिनी एकादशी पूजा विधि
पद्मिनी एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें।
फिर घर के मंदिर की सफाई करने के बाद गंगाजल का छिड़काव करें और व्रत का संकल्प लें।
अब एक चौकी पर पीले रंग का कपड़ा बिछाकर उनके ऊपर श्री हरि की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
उसके बाद भगवान विष्णु का दूध से अभिषेक करें, तिलक लगाएं और पीले अक्षत चढ़ाएं।
फिर भगवान विष्णु को पीले फूल, तुलसी दल, धूप, दीप और पीली मिठाई या फल अर्पित करें।
इसके बाद मंत्रों और नामों का जाप करें और भगवान विष्णु और लक्ष्मी का ध्यान करें।
अंत में विष्णु जी के समक्ष घी का दीपक जलाएं और उनकी आरती करें।

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