Edited By Sarita Thapa,Updated: 18 May, 2026 12:39 PM

सनातन धर्म में गणेश चतुर्थी का बहुत खास महत्व है। यह दिन देवों के देव महादेव के पुत्र गणेश जी की पूजा के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं यह चतुर्थी अधिकमास में पड़ती है, तो इसका महत्व कई गुना बड़ जाता है।
Varda Chaturthi 2026 : सनातन धर्म में गणेश चतुर्थी का बहुत खास महत्व है। यह दिन देवों के देव महादेव के पुत्र गणेश जी की पूजा के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं यह चतुर्थी अधिकमास में पड़ती है, तो इसका महत्व कई गुना बड़ जाता है। अधिकमास में पड़ने वाली एकादशी को वरदा चतुर्थी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन पूरे विधि-विधान के साथ गणेश जी की पूजा करने और व्रत रखने से जीवन में आने वाली सारी परेशानियों से छुटकारा मिलता है। साथ ही धन, संतान, यश और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है। तो आइए जानते हैं वरदा एकादशी के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में-
वरदा चतुर्थी 2026 शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अधिक मास की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 19 मई 2026 को दोपहर 2 बजकर 18 मिनट पर होगी और इसका समापन 20 मई को सुबह 11 बजकर 06 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार, यह व्रत 20 मई को रखा जाएगा।

वरदा चतुर्थी 2026 पूजा विधि
वरदा चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें।
फिर घर के मंदिर की सफाई करने के बाद गंगाजल का छिड़काव करें और व्रत का संकल्प लें।
उसके बाद एक चौकी पर पीले रंग का कपड़ा बिछाएं और गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें।
अब गणेश जी को दूर्वा घास, मोदक, लड्डू, फल, फूल और सिंदूर अर्पित करें।
इसके बाद गणेश जी को मोदक और लड्डू का भोग लगाएं और गणेश जी के मंत्रों का जाप करें।
अंत में गणेश जी के समक्ष घी का दीपक जलाएं और उनकी आरती करें।

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