Surya Transit 2026 in Mesh Rashi : 14 अप्रैल से सूर्य उच्च, इन राशियों को मिलेगी बड़ी तरक्की !

Edited By Updated: 13 Apr, 2026 12:13 PM

सूर्य देव उच्च के होने जा रहे हैं। सूर्य सबसे इंपॉर्टेंट ग्रह जो धरती से क्लियर नजर आते हैं। सबके ऊपर प्रभाव डालते हैं। चाहे वो एनवायरमेंट है, मींस आपका प्रकृति है, आप खुद हैं तो सबके ऊपर प्रभाव पड़ता है।

Surya Transit 2026 in Mesh Rashi : सूर्य देव उच्च के होने जा रहे हैं। सूर्य सबसे इंपॉर्टेंट ग्रह जो धरती से क्लियर नजर आते हैं। सबके ऊपर प्रभाव डालते हैं। चाहे वो एनवायरमेंट है, मींस आपका प्रकृति है, आप खुद हैं तो सबके ऊपर प्रभाव पड़ता है। सूर्य हेल्थ, करियर के कारक हैं। सूर्य आपकी कुंडली में कोई भी लगन हो उसके कारक होते हैं। सूर्य अच्छा हो जाए तो आपको राइज मिलता है। करियर में राइज मिलता है। सूर्य खराब हो जाए तो करियर में थोड़ी सी आपको निराशा देखनी पड़ती है। स्वास्थ्य में जो है वह आपको इशूज़ आते हैं। 14 अप्रैल को सूर्य उच्च के हो जाएंगे। 15 मई तक रहेंगे और मेष राशि में गोचर करेंगे। मेष राशि में सूर्य इस दौरान बहुत बली हो जाएंगे। जब बली हो जाएंगे तो चार राशियां ऐसी हैं जिनके लिए सूर्य अच्छा फल करेंगे। क्योंकि शास्त्र के मुताबिक सूर्य का गोचर सूर्य पाप ग्रह कहे गए हैं, तो सूर्य का गोचर तीसरे भाव में छठे भाव में 10वें भाव में और 11वें भाव में अच्छा होता है। जब सूर्य उच्च के हो जाएंगे तो कौन सी ऐसी राशियां हैं जिनके लिए सूर्य का फल जो है वह काफी अच्छा हो जाएगा। तो सबसे पहली राशि आएगी जैमिनी। क्योंकि जैेमिनी के लिए सूर्य का गोचर 11वें होगा। तो जैमिनी यानी कि मिथुन राशि।

मिथुन राशि 
मिथुन राशि के लिए सूर्य तीसरे भाव के स्वामी बनते हैं। क्योंकि सिंह राशि तीसरे में आ जाएगी न तो पराक्रम में वृद्धि करेगा। यहां पर सूर्य पराक्रम में वृद्धि करेगा क्योंकि तीसरे का स्वामी अपने भाव से नौवें में चला जाएगा। एक तो अच्छी स्थिति में आ जाएगा। दूसरा 11वां भाव तरक्की का भाव होता है। ग्रोथ का भाव होता है। आय का भाव होता है। आय में डेफिनेटली यहां पर वृद्धि करने का काम करेगा। यहां पर जैमिनी यानी कि मिथुन राशि के जातकों के लिए तीसरे भाव के अच्छे फल मिलेंगे। भाई के साथ तालमेल बेटर हो सकता है। पराक्रम बढ़ सकता है। आय में वृद्धि हो सकती है। तरक्की हो सकती है। ये चार चीजें आपको जैमिनी वालों को मिल सकती हैं। लेकिन एक चीज का ध्यान रखना पड़ेगा। सूर्य की सीधी दृष्टि आपके पंचम भाव के ऊपर है, तो पंचम बुद्धि विवेक का भाव होता है। ईजी गेंस का भाव होता है। कोई भी इंपॉर्टेंट डिसीजन लेने से पहले एक बार किसी ऐसे व्यक्ति की राय जरूर लीजिएगा जो आपका बहुत क्लोज है या जिसकी राय के ऊपर आपको भरोसा है। क्योंकि पांचवें के ऊपर सूर्य की दृष्टि अच्छी नहीं है। अगर गोचर अच्छा हो गया। तीसरे का अच्छा फल कर जाएगा। 11वें का अच्छा फल कर जाएगा। लेकिन दृष्टि से पांचव को पीड़ित करेगा। हालांकि कालपुरुष की पत्रिका में पांचवा भाव सूर्य का ही भाव होता है। वो भी सूर्य का भाव होता है। लेकिन दृष्टि के संबंध में थोड़ा सा इस चीज का आपको जरूर ध्यान रखना चाहिए। 

कर्क राशि
अगली राशि जिसको इसका फायदा होगा वो है कर्क राशि। यह चंद्रमा की राशि है। सूर्य के मित्र की राशि है। यहां पर दशम में गोचर करेंगे। यहां पर आकर सूर्य दिगबली हो जाते हैं। जब किसी का जन्म दोपहर के 12:00 से लेकर 2:00 बजे का हो तो उसका सूर्य दसवें भाव में आ जाता है। यहां पर सूर्य आपको करियर में बहुत अच्छा जो है वह फायदा देंगे क्योंकि दशम भाव आपके कारोबार का भाव है। कारोबार के भाव में उच्च के सूर्य का आ जाना कर्म स्थल पर आपके प्रभाव को बढ़ाएगा। आप जॉब करते हैं, कारोबार करते हैं कोई मैटर नहीं करता। आपका डोमिनेंस क्लियर नजर आएगा। इस एक महीने के दौरान। आपको डेफिनेटली इसमें काफी फायदा होगा। अब कर्क राशि के लिए सूर्य धन भाव के भी स्वामी है, तो धन में वृद्धि होगी। अल्टीमेटली धन भाव का स्वामी केंद्र में बैठ गया। उच्च का हो गया। कर्म स्थान में बैठ गया यानी कि कारोबार से आपको धन की वृद्धि करवा देगा। डेफिनेटली यहां पर आपको उस चीज का बहुत फायदा मिल सकता है। लेकिन सूर्य कि यहां पर फोर्थ हाउस को देखेंगे तो मदर की हेल्थ का थोड़ा सा ध्यान रखिएगा। यहां पर थोड़ी सी दिक्कत हो सकती है। यह कर्क राशि के जातकों के लिए रहेगा। सूर्य का फल जो आपके लिए दशम में गोचर करेंगे। तो यह एक तरीके से आपके लिए काफी अच्छा हो जाएगा। 

वृश्चिक राशि
अब अगली राशि जिसको इसका फायदा होने जा रहा है वह है आपकी वृश्चिक राशि। यह मंगल की राशि है। मंगल की राशि के लिए मंगल क्योंकि सूर्य के मित्र हैं, तो मंगल की राशि के लिए सूर्य छठे भाव में जाएंगे। छठा भाव रोग का भाव, ऋण का भाव, शत्रु का भाव है। जिनके ऊपर कर्ज की स्थिति है वहां पर राहत मिलती हुई नजर आ सकती है। जिनको कोई फिजिकल इशू है।  वहां पर राहत मिलती हुई नजर आ सकती है। जिनके ऊपर कोई आरोप प्रत्यारोप लगा हुआ है, वहां पर राहत मिलती हुई नजर आ सकती है। लेकिन थोड़ा सा विदेश से संबंधित जिनके काम है उनको थोड़ा सा परेशानी हो सकती है क्योंकि 12वां भाव जिसको देखेंगे वो चीज थोड़ा सा आपको डिस्टर्ब कर सकता है। वृश्चिक राशि के लिए जो सिंह राशि आती है, जो सूर्य की अपनी राशि है वह 10वें भाव में आती है। कारोबार वाले भाव का स्वामी अपने भाव से नाइंथ आ गया तो  वृद्धि करेगा। यहां पर कारोबार में वृद्धि कर जाएगा। आपकी जॉब में आपका डोमिनेंस बढ़ा जाएगा। प्रभाव बढ़ा जाएगा। तो छठा लग्न का छठा होता है लेकिन दशम का नाइंथ होता है वो। यह आपके लिए अच्छा है। वृश्चिक राशि के जातकों के लिए काफी अच्छा हो जाएगा। यहां पर सूर्य का गोचर आपको अच्छे फल करेगा। 

कुंभ राशि
अगली राशि जिसको इसका फायदा होगा डेफिनेटली वह है कुंभ राशि। कुंभ राशि के जातकों के लिए सूर्य तीसरे भाव में आएगा। तीसरे भाव में पराक्रम में वृद्धि करेंगे सूर्य। कुंभ राशि के जातकों के लिए सूर्य केंद्र के स्वामी हो जाते हैं। यानी कि सप्तम भाव के स्वामी हो जाते हैं। पार्टनर का भाव होता है। यह लाइफ पार्टनर और बिजनेस पार्टनर दोनों ही इसी भाव से देखे जाते हैं। यहां पर आपको पार्टनर से फायदा हो सकता है और जिनकी शादी नहीं हुई है उनको शादी की खुशखबरी भी आ सकती है। शादी होने की खुशखबरी आ सकती है या कोई रिश्ता वगैरह तय हो सकता है  यहां पर सूर्य पराक्रम भाव में रहेंगे तो पराक्रम में वृद्धि करेंगे। आपकी जो है वह थोड़ा सा कॉन्फिडेंस बढ़ा हुआ नजर आएगा। लेकिन यदि आप धार्मिक यात्रा का प्लान कर रहे हैं तो थोड़े से डॉक्यूमेंट वगैरह अपने जरूर ठीक रखिएगा क्योंकि नौ नौवें भाव के ऊपर सूर्य की दृष्टि है। यहां पर हो सकता है कि कुछ न कुछ आपको रास्ते में अड़चन आ जाए, तो डॉक्यूमेंट और गाड़ी चेक करके जाइएगा। जिस समय यह गोचर गोचर होगा। तो थोड़ा सा इस चीज का जरूर ध्यान रखना पड़ेगा। आपके लिए यह गोचर काफी अच्छा है कुंभ राशि के जातकों के लिए। 

यह चार राशियां हैं जिनके लिए यह सूर्य का गोचर काफी अच्छा रहेगा। सूर्य का गोचर आठवें 12वें में अच्छा नहीं होता। यानी कि जो टॉरस है यानी कि वृषभ राशि है इसके लिए 12 आ जाएगा। यह अच्छा नहीं है और आपके लिए जो कन्या राशि है उसके लिए अष्टम आ जाएगा। यह खास तौर पर अच्छा नहीं है। अदरवाइज बाकी राशियों के लिए भी बहुत ज्यादा शास्त्र में मेंशन नहीं किया गया कि खराब है। लेकिन इन दो भावों को तो खासतौर पर गोचर में जो है वह देखा जाता है कि आठवें बार में तो नहीं आ रहा।  यदि आठवें बार में आ रहा है यानी कि टॉरस और कन्या के लिए तो वो यह जो दो राशियां हैं थोड़ा सा अपना जरूर ध्यान रखें। कन्या के लिए जैसे अष्टम में आएगा तो थोड़ा सा गाड़ी जरूर धीमे से चलाइए क्योंकि यह अष्टम एक्सीडेंट का भाव होता है। दुर्घटना का भाव होता है। इसके लिए 12वां आएगा यानी कि टॉरस यानी कि वृषभ राशि के लिए तो 12वां भाव खर्चे का भाव होता है। थोड़े से खर्चे बढ़ा सकता है। अदरवाइज चार राशियों के लिए यह गोचर अच्छा है। 

उपाय- जिनका सूर्य वीक है कुंडली में कमजोर है यानी कि राहु केतु एक्सिस में है। शनि के प्रभाव में है तो वह थोड़ा सा सूर्य को जल देना शुरू करें। घर में पिता सूर्य के कारक होते हैं। पिता की सेवा करिए। यह दो रेमेडीज आपके लिए काफी काम आएंगी।
 
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