Jupiter Transit 2026 in Cancer : कर्क में गुरु, धनु राशि वालों को मिलेगा बड़ा फायदा

Edited By Updated: 21 May, 2026 06:32 PM

देव गुरु बृहस्पति का यह साल का सबसे बेस्ट गोचर होने जा रहा है इस 2026 का। गुरु उच्च के होने जा रहे हैं। गुरु कर्क राशि में आएंगे। ऐसा इवेंट 12 साल बाद होता है। क्योंकि गुरु का जो राशि चक्र है, गुरु एक साल में राशि पूरी करते हैं।

Jupiter Transit 2026 in Cancer : देव गुरु बृहस्पति का यह साल का सबसे बेस्ट गोचर होने जा रहा है इस 2026 का। गुरु उच्च के होने जा रहे हैं। गुरु कर्क राशि में आएंगे। ऐसा इवेंट 12 साल बाद होता है। क्योंकि गुरु का जो राशि चक्र है, गुरु एक साल में राशि पूरी करते हैं। 12 साल बाद घूम के अपनी कर्क राशि यानी कि जो उच्च राशि है वहां पर आते हैं। तो इस साल यह अच्छी चीज होने जा रही है। यह ब्लेसिंग वाली चीज है। बहुत सारी राशियों के लिए ब्लेसिंग वाली चीज है। गुरु कर्क में आएंगे 2 जून को। हालांकि गुरु एक साल में एक राशि पूरी करते हैं। लेकिन क्योंकि गुरु इन दिनों शीघ्रगामी गति से चल रहे हैं। गुरु इसी साल में ही 31 अक्टूबर को सिंह में आ जाएंगे दोबारा। ऐसा नहीं है कि गुरु का गोचर छ महीने का हो गया या पांच महीने का हो गया। 2 जून को आए जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर पांच महीने का। ये ऐसा ऐसा नहीं होता। यहां पर सिंह में आएंगे, वक्री होंगे, मार्गी होंगे। फिर 24 जून को फिर 24 जनवरी को 2027 को फिर दोबारा कर्क में आ जाएंगे। फिर रहेंगे 24 जून तक कर्क में। तो साइकिल पूरा साल का है लेकिन इन तीन महीनों में अक्टू नवंबर का महीना पूरा है दिसंबर का है। जनवरी के 24 दिन है। इन तीन महीनों में सिंह में रहेंगे। लेकिन टोटल कर्क राशि में ही 9 महीने रहेंगे। तो यहां पर गुरु के इस गोचर का क्या फल होगा इस पे विचार करेंगे।

लेकिन गुरु का जो गोचर होता है वह पांच राशियों के लिए अच्छा होता है। और यह जो वीडियो आप देखेंगे इस वीडियो को आप देखेंगे चंद्र कुंडली के लिहाज से। गुरु का गोचर कुंडली में दूसरे भाव में, पांचवें भाव में, सातवें भाव में, नौवें भाव में और 11वें भाव में अच्छा होता है। गुरु इतने इंपॉर्टेंट ग्रह हैं। आपकी कुंडली में 12 भाव होते हैं। दूसरा भाव धन का भाव होता है। उसके कारक गुरु है। पांचवा इजी गेंस का बुद्धि विवेक का भाव होता है। उसके कारक गुरु है। हायर एजुकेशन का यह भाव होता है। उसके कारक गुरु है। नाइंथ हाउस आपका भाग्य स्थान होता है। अध्यात्म से जुड़ा हुआ भाव भाव होता है। आपकी लाइफ में जितना भी कुछ आता है, यह नाइंथ हाउस सबसे बेस्ट भाव होता है कुंडली का। उसके कारक गुरु हैं। 11वा भाव जो आपकी आय का भाव होता है उसके कारक गुरु हैं। यदि यह गुरु अच्छे गोचर में रहते हैं तो कितना फायदा मिलता है? आप इसका अंडरस्टैंडिंग कर सकते हैं। क्योंकि ज्ञान के कारक, संतान के कारक, धन के कारक, भाग्य के कारक सबके कारक गुरु ही है। 
तो गुरु का यह गोचर 12 राशियों के लिए कैसा फल लेकर आएगा। 

आपको आपकी राशि के बारे में सब कुछ बताया जाएगा कि कहां पर गुरु की दृष्टि आएगी। किसके लिए फल अच्छा रहेगा, किसके लिए फल खराब रहेगा। यह 12 राशियों के ऊपर इसके ऊपर चर्चा करेंगे। तो इस वीडियो में अभी आप अभी तक आपने समझा कि गुरु कितने इंपॉर्टेंट ग्रह हैं। चार घरों के कारक हैं। सब कुछ गुरु की ब्लेसिंग से आता है। धनु राशि के स्वामी भी हैं। यह धनु राशि की यदि हम बात करेंगे तो धनु राशि के जातकों के लिए यह जो गोचर होने जा रहा है आपका यह होगा अष्टम भाव में। अष्टम का गुरु का गोचर अच्छा नहीं है। क्योंकि राशि का स्वामी ही अष्टम में आ गया। थोड़ा सा वाहन धीमे से चलाइएगा। गड़बड़ हो सकती है क्योंकि अष्टम दुर्घटना का भाव है। कोई नेटल प्रॉपर्टी से जुड़ा हुआ केस है वहां पर दिक्कत हो सकती है। अष्टम में गुरु बैठा हुआ है। यहां पर चीजें खराब कर सकता है थोड़ी सी। रिसर्च से जुड़े हुए जिनके काम है उनको थोड़ी सी चैलेंजेस फेस करने पड़ सकते हैं। हां, यदि कोई काम विदेश से जुड़ा हुआ है, वहां पर आपको फायदा जरूर हो सकता है। क्योंकि दृष्टि 12व भाव के ऊपर रहेगी। 12वां भाव विदेश से जुड़ा हुआ भाव होता है।

विदेश से आय के योग खुल सकते हैं। धन भाव के ऊपर गुरु की दृष्टि रहेगी। तो धन भाव से संबंधित फल आपको थोड़े से बेटर होते हुए नजर आएंगे। कोई काम आपका इमीग्रेशन का है। कोई फॉरेक्स का है। कोई विदेश से काम करते हैं आप। कोई एमएसी के लिए काम करते हैं। कोई इंपोर्ट एक्सपोर्ट का काम करते हैं। वहां पर चीजें आपको थोड़ी सी बेटर होती हुईज़ आएंगी। और इसके अलावा कोई प्रॉपर्टी खरीदने की प्लानिंग है। वहां पर चीजें आपको थोड़ी सी बेटर होती हुईज़ आएंगी। क्योंकि फोर्थ हाउस के ऊपर गुरु की दृष्टि रहेगी। मदर की हेल्थ से जुड़ा हुआ यदि कोई इशू है वहां पर हो सकता है कि बहुत सारी चीजें पॉजिटिव होती हुई नजर आए। तो यह पॉजिटिव भी रहेगा लेकिन नेगेटिव भी रहेगा। दुर्घटना हो सकती है। रिसर्च से जुड़े हुए कामों में आपको चैलेंजेस फेस करने पड़ सकते हैं। क्योंकि अष्टम का गोचर गुरु का अच्छा नहीं होता। आपकी तो राशि का स्वामी अष्टम में आ गया। यहां पर आपको थोड़ा सा चैलेंजेस फेस करने पड़ सकते हैं। हालांकि बहुत सारी चीजें दशा के ऊपर भी डिपेंड करते हैं। आपकी दशा अच्छी होती है तो बहुत सारी चीजें निकल जाती हैं। लेकिन अष्टम में गुरु का आना अच्छा नहीं है। यह आपके लिए नाइंथ आपकी राशि के भी स्वामी है। फोर्थ हाउस के भी स्वामी है। पीस ऑफ़ माइंड को थोड़ा सा डिस्टर्ब कर सकते हैं। यह ध्यान रखिएगा जरूर। यदि आपकी कुंडली में गुरु की स्थिति कमजोर है तो गुरु की स्थिति को इंप्रूव करने के लिए कुछ रेमेडीज शास्त्रों में दी गई है। तो वो रेमेडीज जरूर करनी चाहिए। मान लीजिए आपका गुरु राहु केतु एक्सिस पे है। गुरु लग्न कुंडली के छठे आठवें 12वें में पड़ा हुआ है। गुरु शनि मंगल से पीड़ित है या गुरु खराब स्थिति में है। रेट्रोगेशन में है। अस्त है। है ना? तो आपको गुरु की रेमेडीज जरूर करनी चाहिए। 

उपाय- यदि आपकी कुंडली में गुरु की स्थिति कमजोर है तो गुरु की स्थिति को इंप्रूव करने के लिए कुछ रेमेडीज शास्त्रों में दी गई है तो वो रेमेडीज जरूर करनी चाहिए। मान लीजिए आपका गुरु, राहु, केतु एक्सिस पे है। गुरु लग्न कुंडली के छठे, आठवें, 12वें में पड़ा हुआ है। गुरु शनि मंगल से पीड़ित है या गुरु खराब स्थिति में है, तो आपको गुरु की रेमेडीज जरूर करनी चाहिए। अपने टीचर की रिस्पेक्ट करिए। दूसरा गुरु की रेमेडी होती है। गुरु ज्ञान के कारक है। तो किसी एक बच्चे को आप स्टडी में हेल्प करिए। कोई मैटर नहीं करता कि आप किस तरीके से हेल्प कर रहे हैं। आप उसको अपनी नॉलेज शेयरिंग के रूप में भी कर सकते हैं। कोई बच्चा मान लीजिए कोई पढ़ना चाहता है। उसको आपके पास समय है। आप उसको एक सब्जेक्ट में असिस्ट कर सकते हैं। ₹10 की पेंसिल लेके दे सकते हैं। स्कूल का बैग लेके दे सकते हैं। स्कूल की यूनिफार्म ले लेके दे सकते हैं। स्टेशनरी लेके दे सकते हैं। या उसकी स्टडी में हेल्प कर सकते हैं। किसी को ज्ञान देना, किसी को ज्ञान में हेल्प करना यह गुरु का काम है। गुरु के जो मंत्र्रास होते हैं ओम ब्रह्म बृहस्पताए नमः उसका जप किया जा सकता है। पीली चीजों का दान कर सकते हैं। गुरु का स्टोन पहन सकते हैं। आपके पास पैसा है तो पुखराज पहन लीजिए। लेकिन पुखराज तभी पहनिएगा यदि आपकी कुंडली में गुरु 6, 8, 12 में नहीं बैठे। यदि 6, 8, 12 में बैठे हैं, तो गुरु की यह रेमेडी मत करिएगा। 

नरेश कुमार
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