Edited By Sarita Thapa,Updated: 21 Aug, 2026 12:12 PM

वास्तु शास्त्र के अनुसार, तुलसी और शमी दोनों ही पौधों को बहुत पवित्र और शुभ माना जाता है। तुलसी भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को बेहद प्रिय है, जबकि शमी का संबंध शनि देव और भगवान शिव जी से माना जाता है।
Tulsi and Shami plant Vastu : वास्तु शास्त्र के अनुसार, तुलसी और शमी दोनों ही पौधों को बहुत पवित्र और शुभ माना जाता है। तुलसी भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को बेहद प्रिय है, जबकि शमी का संबंध शनि देव और भगवान शिव जी से माना जाता है। यदि आप इन दोनों पौधों को घर में एक साथ रखने के बारे में सोच रहे हैं, तो इससे पहले वास्तु के कुछ नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है। तो आइए जानते हैं कि घर में एक साथ तुलसी और शमी के पौधे को एक साथ रखना शुभ है या अशुभ।
क्या तुलसी के पास शमी का पौधा रख सकते हैं?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, तुलसी और शमी के पौधे को एक साथ या पास-पास रखा जा सकता है। यह संयोजन घर में सुख-शांति और समृद्धि लाने के लिए बहुत शुभ माना जाता है। जहां तुलसी घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है, वहीं शमी का पौधा शनि दोष के प्रभाव को कम करता है और वास्तु दोषों से मुक्ति दिलाता है।

पौधे लगाने और रखने के वास्तु नियम
तुलसी के पौधे को हमेशा घर की उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना चाहिए। शमी के पौधे के लिए दक्षिण या पूर्व-दक्षिण दिशा सबसे उत्तम मानी जाती है।
यदि आप दोनों पौधों को पास रख रहे हैं, तो इन्हें बिल्कुल सटाकर न रखें। दोनों गमलों के बीच कुछ इंच की दूरी रखें ताकि दोनों पौधों को पर्याप्त धूप और हवा मिल सके।
यदि आप शमी का पौधा घर के मुख्य द्वार पर लगा रहे हैं, तो ध्यान रखें कि घर से बाहर निकलते समय यह आपके दाहिने हाथ की तरफ पड़े।
सुबह के समय तुलसी में जल अर्पित करना और शाम को दीपक जलाना शुभ होता है। शमी के पौधे के पास शनिवार की शाम को सरसों के तेल का दीपक जलाना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।
