Edited By Prachi Sharma,Updated: 07 Feb, 2026 07:45 AM

वाराणसी (वार्ता): ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौवंश संरक्षण से जुड़े मुद्दे पर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने हाल ही में राज्य के पशुपालन मंत्री द्वारा गौकशी को...
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वाराणसी (वार्ता): ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौवंश संरक्षण से जुड़े मुद्दे पर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने हाल ही में राज्य के पशुपालन मंत्री द्वारा गौकशी को लेकर उठाए गए उनके सवालों को ‘भ्रम’ और ‘असत्य’ बताए जाने पर आपत्ति जताई है। शंकराचार्य ने कहा कि धर्मसत्ता और राजसत्ता के बीच सत्य की स्थापना के लिए दावों का धरातलीय और वैज्ञानिक परीक्षण आवश्यक है।
यदि शासन का यह दावा है कि प्रदेश में गौहत्या पूरी तरह बंद हो चुकी है, तो पारदर्शिता के लिए ज्योतिषपीठ के प्रतिनिधियों को जांच में सहयोग और अनुमति दी जानी चाहिए।
उन्होंने निर्यातित मांस के डी.एन.ए. परीक्षण, हापुड़, अलीगढ़, मेरठ और उन्नाव जैसे निर्यात केंद्रों से रैंडम सैंपलिंग, चर्म शोधन इकाइयों के निरीक्षण, परिवहन और अंतर्राज्यीय सीमाओं पर संदिग्ध वाहनों की जांच तथा नगर निकायों और निजी वधशालाओं के अघोषित निरीक्षण की अनुमति देने की मांग की है।
इसके अलावा, उन्होंने सरकारी गौशालाओं में मृत्यु के कारणों और शव निस्तारण प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराने तथा मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं की सूची उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। शंकराचार्य ने कहा कि यदि शासन के दावे सत्य हैं तो इन मांगों को पूरा करने में विलंब नहीं होना चाहिए, अन्यथा जनता के समक्ष सच्चाई स्वतः उजागर हो जाएगी।