Edited By Niyati Bhandari,Updated: 20 Jun, 2026 01:42 PM

Vastu Tips for Home Garden: आज के दौर में घर की सुंदरता बढ़ाने और हरियाली के लिए बगीचा या क्यारी बनाना एक आम शौक है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अनजाने में गलत दिशा में बनाई गई एक छोटी सी क्यारी आपके घर की खुशहाली में बाधा बन सकती है? वास्तुशास्त्र...
Vastu Shastra Garden Tips: घर की सुंदरता बढ़ाने और हरियाली के लिए सामान्यतः घर के बाहर ओपन स्पेस में कंपाउंड वॉल से सटाकर क्यारी बनाई जाती है। इन क्यारियों में विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए जाते हैं। क्यारी घर की चारों दिशाओं में बनाई जा सकती है और उनमें किसी भी प्रकार के पेड़-पौधे लगाये जा सकते हैं, लेकिन वास्तुशास्त्र के अनुसार, क्यारी बनाते समय निम्नलिखित नियमों का पालन करना चाहिए-

उत्तर एवं पूर्व दिशा की क्यारी: इस दिशा में क्यारी का फ्लोर लेवल लाॅन के फ्लोर लेवल से ऊंचा नहीं होना चाहिए। लाॅन से क्यारी का फ्लोर लेवल 4-6 इंच नीचा रखना ज्यादा शुभ होता है।

उत्तर एवं पूर्व दिशा में केवल छोटे एवं कम ऊंचाई वाले पौधे ही लगाना चाहिए, जैसे तुलसी, कड़ी पत्ता, पुदीना, गुलाब, सूरजमुखी इत्यादि। बड़े पेड़ नहीं लगाना चाहिए क्योंकि बड़े पेड़ लगाने से प्रातःकालीन सूर्य की किरणें घर में नहीं आ पाती हैं और यह दिशा भारी हो जाती है जोकि शुभ नहीं होती।

दक्षिण एवं पश्चिम दिशा की क्यारी: इस दिशा में क्यारी का फ्लोर लेवल लाॅन से नीचा बिल्कुल नहीं होना चाहिए। इसे लाॅन के फ्लोर लेवल के बराबर या 4-6 इंच ऊंचा रख सकते हैं। क्यारी का पानी बाहर न बहने पाए, इसके लिए क्यारी पर ईंट की छोटी मुंडेर बनाई जा सकती है।

दक्षिण एवं पश्चिम दिशा में छोटे पौधों के साथ-साथ ऊंचे, घने एवं भारी पेड़-पौधे लगाना चाहिए, जैसे अशोक, नीम, गुड़हल, आम इत्यादि।

क्यारी में सूखे पत्ते, मृत पौधे हो तो उन्हें हटा देना चाहिए तथा क्यारी की नियमित साफ सफाई करते रहना चाहिए।