Edited By Sarita Thapa,Updated: 07 Aug, 2026 10:55 AM

आज कल लोग अपने कामों में इतने बिजी हो गए हैं कि उन्हें न तो कहीं सुकून मिल पा रहा है और न ही अपनी सेहत पर ध्यान दे पा रहे हैं। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक शांति और अच्छी सेहत पाना बहुत बड़ा चैलेंज बन गया है।
Vastu tips for meditation : आज कल लोग अपने कामों में इतने बिजी हो गए हैं कि उन्हें न तो कहीं सुकून मिल पा रहा है और न ही अपनी सेहत पर ध्यान दे पा रहे हैं। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक शांति और अच्छी सेहत पाना बहुत बड़ा चैलेंज बन गया है। लेकिन खुद को मानसिक और शारीरिक तौर पर फिट रखने के लिए योग और ध्यान सबसे बेहतरीन तरीका समझा जाता है। यदि आप भी योग या ध्यान करते हैं, तो वास्तु के कुछ नियमों का ख्याल रखना बहुत जरूरी है क्योंकि वास्तु शास्त्र के अनुसार गलत दिशा में योग या ध्यान करने से आपको इसका पूरा फायदा नहीं मिलता। सही दिशा में ध्यान और योग करने स सकारात्मक उर्जा का संचार होता है और शरीर में ताजगी आती है। तो आइए जानते हैं कि योग और ध्यान के लिए सबसे सही दिशा कौन सी है।
ईशान कोण
वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को ईश्वर और सकारात्मक ऊर्जा का निवास माना गया है। इस दिशा में बैठकर योग और ध्यान करने से मानसिक तनाव दूर होता है, एकाग्रता बढ़ती है और मन पूरी तरह शांत रहता है।
पूर्व दिशा
अगर आपके पास उत्तर-पूर्व दिशा में जगह नहीं है, तो पूर्व दिशा दूसरा सबसे बेहतरीन विकल्प है। इस दिशा में योग करने से शरीर में दिनभर आलस नहीं आता, रोग प्रतिरोधक क्षमता मज़बूत होती है और शरीर एक्टिव रहता है।
योग और ध्यान करते समय मुख किस तरफ होना चाहिए?
दिशा के साथ-साथ आपके चेहरे की दिशा भी बहुत मायने रखती है। ध्यान या योग करते समय हमेशा अपना चेहरा पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ रखें। इससे मन में नए और सकारात्मक विचार आते हैं तथा ध्यान जल्दी केंद्रित होता है।

ध्यान-योग का स्थान बनाते समय रखें इन बातों का खास ध्यान
फर्श पर सीधे न बैठें
बिना चटाई या आसन के फर्श पर बैठकर योग न करें। हमेशा सूती या ऊनी आसन का इस्तेमाल करें ताकि आपके शरीर की ऊर्जा जमीन में न समाए।
साफ-सफाई का नियम
जिस जगह आप ध्यान लगाते हैं, वहां धूल, गंदगी या कबाड़ बिल्कुल न रखें। साफ-सुथरी जगह सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है।
प्राकृतिक रोशनी और हवा
जहां तक संभव हो, ऐसे स्थान का चुनाव करें जहां ताजी हवा और सूर्य की प्राकृतिक रोशनी आती हो।

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ