Edited By Sarita Thapa,Updated: 16 Jul, 2026 11:30 AM

सावन का पावन महीना आते ही चारों ओर भक्ति, श्रद्धा और उत्सव का माहौल बन जाता है। यह महीना भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए सबसे शुभ माना जाता है।
Why Women Wear Green Bangles in Sawan : सावन का पावन महीना आते ही चारों ओर भक्ति, श्रद्धा और उत्सव का माहौल बन जाता है। यह महीना भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इस दौरान सुहागिन महिलाएं व्रत-पूजन करती हैं और भगवान शिव-माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करती हैं। इस दौरान चारों ओर का वातावरण हरियाली से सरोबार होता है। यही वह महीना माना जाता है जब महिलाएं हरे रंग की चूड़ियां पहनना पसंद करती हैं। हालांकि सावन में हरी चूड़ियां पहनने की परंपरा बहुत पुरानी मानी जाती है। लेकिन क्या आपके मन में कभी यह सवाल आया है कि सावन के महीने में हरे रंग की चूड़ियां ही क्यों पहनी जाती हैं? इसके पीछे क्या कारण है। तो आइए जानते हैं कि क्यों सावन में महिलाएं हरी चूड़ियां पहनती हैं।
सबसे पहले बात करे हरी चूड़ियों के महत्व की तो सनातन धर्म में हरे रंग को प्रकृति, सुख-समृद्धि और नए जीवन का प्रतीक माना जाता है और सावन के दौरान भी पूरी प्रकृति हरे रंग में रंगी होती है। ज्योतिष शास्त्र में भी हरे रंग को बुध ग्रह का कारक माना जाता है साथ ही इसे बुद्धि और समृद्धि के साथ भी जोड़ा जाता है। ऐसे में कहा जाता है कि इस दौरान हरी चूड़ियां पहनना भी बेहद शुभ माना जाता हैं, क्योंकि वह प्रकृति के इस हरियाली भरे रूप को अपनाती है साथ ही माना जाता है कि हरे रंग का प्रयोग शुभता और सकारात्मकता भी प्रदान करता है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी भक्ति और समर्पण से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया। तभी से सावन का महीना शिव-पार्वती के दिव्य मिलन और अखंड सौभाग्य का प्रतीक भी माना जाता है। कहा जाता है कि इसी कारण विवाहित महिलाएं सावन में हरी चूड़ियां पहनकर माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त करने और अपने वैवाहिक जीवन की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।

इसके अलावा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हरी चूड़ियां सुहाग और अखंड सौभाग्य का प्रतीक मानी जाती हैं। मान्यता है कि सावन में इन्हें धारण करने से पति की आयु, उत्तम स्वास्थ्य और परिवार की खुशहाली के लिए शुभ फल प्राप्त होते हैं। यही कारण है कि इस महीने अधिकांश विवाहित महिलाएं हरी चूड़ियां पहनना शुभ मानती हैं।
सावन का महीना भगवान शिव का अत्यंत प्रिय मास माना जाता है। इस समय वर्षा ऋतु के कारण चारों ओर हरियाली छा जाती है, जिसे प्रकृति, नवजीवन, उर्वरता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र, भांग और अन्य प्राकृतिक पूजन सामग्री का विशेष महत्व बताया गया है। इसी कारण सावन के महीने में हरे रंग को शुभता, समृद्धि और मंगल का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि इस दौरान विशेष रूप से सुहागिन महिलाएं हरी चूड़ियां धारण करती हैं और भगवान शिव तथा माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त कर सुखी वैवाहिक जीवन, अखंड सौभाग्य और परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं।

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