Bharat Bhhagya Viddhaata Review: आतंक के बीच इंसानियत की जीत दिखाती है कंगना रनौत की प्रभावशाली फिल्म

Updated: 12 Jun, 2026 12:41 PM

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यहां पढ़ें कैसी है फिल्म भारत भाग्य विधाता

फिल्म: भारत भाग्य विधाता (Bharat Bhhagya Viddhaata)
कलाकार: कंगना रनौत (Kangana Ranaut),आशा शेलार (Asha Shelar),प्रिया बेर्डे (priya Berde), ईशा डे (Isha Dey),गिरिजा ओक गोडबोले (Girija Oak Godbole) ,स्मिता तांबे (Smita Tambe)
निर्देशक:  मनोज तापड़िया (Manoj Tapadia)
रेटिंग: 3.5*

Bharat Bhhagya Viddhaata: फिल्म 'इमरजेंसी' के बाद एक्ट्रेस कंगना रनौत अपनी नई फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' के साथ एक बार फिर सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी हैं। फिल्म की कहानी 2008 के मुंबई हमलों के दौरान एक अस्पताल में फंसी उन नर्सों और अस्पताल के कर्मचारियों पर केंद्रित है जो अपनी जान की परवाह किए बिना पूरे साहस के साथ मरीजों की जान बचाती हैं।  मनोज तापड़िया के निर्देशन में बनी यह फिल्म आज यानि 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। आइए जानते हैं कैसी है कंगना रनौत की नई फिल्म।

कहानी
फिल्म 2008 के मुंबई आतंकी हमलों की पृष्ठभूमि पर आधारित है। जब शहर दहशत में डूबा हुआ था, उस समय कामा अस्पताल के नर्सों और कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर सैकड़ों मरीजों की जान बचाई थी। कहानी केवल आतंक की नहीं, बल्कि संकट के समय इंसानियत की जीत की भी है। फिल्म में गीता माधव (कंगना रनौत) और उनके जैसे कई डॉक्टर और नर्सों के साहस को दिखाती है।

अभिनय
बात जब कंगना रनौत के अभिनय की आती है तो इस बात से हर कोई सहमत होगा कि  अपने हर किरदार में जान डाल देता हैं। इस फिल्म में एक्ट्रेस ने अपने करियर के सबसे संयमित और परिपक्व अभिनय में से एक दिया है। उनका प्रदर्शन प्रभावशाली होने के साथ-साथ बेहद विश्वसनीय भी लगता है।

गिरिजा ओक गोडबोले अपने किरदार में शानदार नजर आती हैं और कई दृश्यों में गहरी छाप छोड़ती हैं। स्मिता तांबे का अभिनय भी काफी प्रभावी है, जबकि सुहिता थट्टे फिल्म में भावनात्मक गहराई जोड़ती हैं।

आशा शेलार ने अपने किरदार को सहजता से निभाया है। प्रिया बेर्डे और ईशा डे भी अपनी भूमिकाओं में प्रभावित करती हैं। रसिका आघासे और अमृता नामदेव ने आत्मविश्वास से भरा अभिनय किया है, वहीं आदित्य मिश्रा का प्रदर्शन ईमानदार और प्रभावशाली है। ज़ाहिद खान भी अपनी भूमिका को मजबूती से निभाते हैं, जिससे पूरी स्टारकास्ट एक मजबूत टीम के रूप में उभरती है।

निर्देशन
फिल्म का लेखन और निर्देशन मनोज तापड़िया ने किया है। निर्देशन की बात करें तो  बेहद संवेदनशील और प्रभावशाली तरीके से इस विषय को प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहानी को अनावश्यक ड्रामे से दूर रखते हुए वास्तविक घटनाओं के भावनात्मक पक्ष पर फोकस किया है। फिल्म का ट्रीटमेंट गंभीर है, लेकिन कहीं भी बोझिल नहीं लगता। 

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