सिद्धार्थ गुप्ता ने ‘कृष्णावतारम्’ में अपनी भूमिका के पीछे की भावनात्मक यात्रा की साझा

Edited By Updated: 06 May, 2026 06:21 PM

siddharth gupta shares emotional journey behind role krishnavatharam

भारतीय सिनेमा में एक दशक की लगातार मेहनत और संघर्ष के बाद, अभिनेता सिद्धार्थ गुप्ता अब अपने करियर की सबसे बड़ी भूमिका निभाने जा रहे हैं।

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारतीय सिनेमा में एक दशक की लगातार मेहनत और संघर्ष के बाद, अभिनेता सिद्धार्थ गुप्ता अब अपने करियर की सबसे बड़ी भूमिका निभाने जा रहे हैं। वह आने वाली फिल्म कृष्णावतारम् में भगवान कृष्ण का किरदार निभाएंगे। यह फिल्म उनके करियर का एक अहम पड़ाव है, जो प्राचीन ज्ञान और आध्यात्मिक वीरता को बड़े पर्दे पर दिखाने का वादा करती है। फिल्म की रिलीज़ नज़दीक है, और सिद्धार्थ की कहानी यह दिखाती है कि कैसे एक सपने देखने वाला इंसान मुंबई की सड़कों से उठकर एक बड़े फिल्म पोस्टर का चेहरा बन सकता है।

 

 

 

 

 

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अपने संघर्ष भरे सफर को याद करते हुए, सिद्धार्थ ने एक भावुक संदेश साझा किया, जिसने लोगों के दिल को छू लिया “कई सालों तक इस शहर ने मुझे सिर्फ इंतज़ार करते हुए देखा। ऑडिशन के बाहर इंतज़ार करते हुए। उन कॉल्स का इंतज़ार, जो कभी आए ही नहीं। उस दिन का इंतज़ार, जब मेहनत को मौका मिलेगा। कई बार ऐसा लगा कि सब छोड़ देना आसान होगा। कई बार सपना मेरी हकीकत से बड़ा लगने लगा। लेकिन अंदर कहीं मैंने विश्वास बनाए रखा। यह भरोसा रखा कि अगर मैं लगातार कोशिश करता रहूं, मेहनत करता रहूं, और प्रक्रिया पर विश्वास रखूं, तो एक दिन सब ठीक होगा। आज, मुंबई में दस साल बाद, मैं अपनी ही फिल्म के पोस्टर के सामने खड़ा था और उसे देखता रहा। इसलिए नहीं कि उस पर मेरा चेहरा है, बल्कि इसलिए कि उसमें मेरे संघर्ष के सारे साल छिपे हैं। हर रिजेक्शन, हर दर्द, हर प्रार्थना, और हर वो पल जब मैंने डर की जगह विश्वास को चुना।

और इतने सारे किरदारों में से मुझे कृष्ण का किरदार निभाने का मौका मिला यह मेरे लिए शब्दों से परे है। आगे क्या होगा, यह अलग बात है, लेकिन यह पल ही मेरी जीत है। क्योंकि कुछ सपने तुरंत पूरे नहीं होते। वे आपको परखते हैं, आपको मजबूत बनाते हैं, और फिर एक दिन आपके सामने खड़े हो जाते हैं उसी शहर में, जिसने कभी आपको खुद पर शक करने पर मजबूर किया था। आभारी हूं। इंतज़ार के लिए। संघर्ष के लिए। विश्वास के लिए। जय श्री कृष्ण ”ये शब्द उन “खामोश सालों” को उजागर करते हैं, जो अक्सर बॉलीवुड की चमक-दमक में नजर नहीं आते। सिद्धार्थ के लिए भगवान कृष्ण का किरदार निभाना सिर्फ एक काम नहीं, बल्कि उनके विश्वास और धैर्य का परिणाम है। जब कृष्णावतारम्रि लीज़ होगी, तब दर्शक इस जुनून और गहराई को बड़े पर्दे पर देख पाएंगे। सिद्धार्थ गुप्ता की कहानी हर उस इंसान को प्रेरित करती है जो अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश कर रहा है। यह हमें याद दिलाती है कि सफलता अचानक नहीं मिलती, बल्कि लगातार मेहनत और विश्वास से मिलती है।

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