Edited By Mansi,Updated: 11 Jun, 2026 05:15 PM
फिल्म: द नर्मदा स्टोरी
कलाकार: रघुबीर यादव, मुकेश तिवारी, अश्विनी कालसेकर, सिमाला प्रसाद, अंजलि पाटिल, ज़रीना वहाब, इश्तियाक़ ख़ान, आलोक चटर्जी, सदानंद पाटिल, शरद सिंह, हसन पीरजादा
निर्देशक: ज़ैग़म इमाम
रेटिंग: 3.5*
द नर्मदा स्टोरी: क्राइम-थ्रिलर फिल्मों की भीड़ में ऐसी फिल्में कम देखने को मिलती हैं जो सस्पेंस के साथ-साथ यथार्थ को भी मजबूती से पेश कर सकें। ‘द नर्मदा स्टोरी’ इसी श्रेणी की फिल्म है, जो वास्तविक घटनाओं से प्रेरित कहानी को रोचक और प्रभावशाली अंदाज में दर्शकों के सामने रखती है। निर्देशक ज़ैग़म इमाम ने बिना किसी अनावश्यक ड्रामे के एक गंभीर और मनोरंजक फिल्म बनाने की कोशिश की है, जो काफी हद तक सफल भी रहती है।
कहानी
फिल्म की कहानी नर्मदा क्षेत्र में घटित रहस्यमयी घटनाओं और उनसे जुड़ी जांच के इर्द-गिर्द घूमती है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती है, कई ऐसे राज सामने आते हैं जो कहानी को और दिलचस्प बनाते हैं। पटकथा की सबसे बड़ी खासियत इसकी संतुलित गति है। फिल्म किसी भी मोड़ पर जल्दबाजी नहीं करती, बल्कि हर किरदार और घटनाक्रम को विस्तार से विकसित करती है। यही वजह है कि सस्पेंस धीरे-धीरे गहराता है और दर्शक अंत तक कहानी से जुड़े रहते हैं।
निर्देशन
निर्देशक ज़ैग़म इमाम ने विषय की गंभीरता को समझते हुए फिल्म को बेहद संयमित तरीके से प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहानी में बेवजह का मसाला, अतिनाटकीयता या फालतू के दृश्य जोड़ने से परहेज किया है। फिल्म का ट्रीटमेंट यथार्थवादी है, जो इसे अन्य क्राइम-थ्रिलर फिल्मों से अलग बनाता है। क्लाइमैक्स तक पहुंचते-पहुंचते कहानी कई अप्रत्याशित मोड़ लेती है और दर्शकों की दिलचस्पी लगातार बनी रहती है। तकनीकी रूप से ‘द नर्मदा स्टोरी’ काफी प्रभावशाली फिल्म है। नर्मदा क्षेत्र की खूबसूरत और रहस्यमयी लोकेशंस कहानी का अभिन्न हिस्सा बन जाती हैं। सिनेमैटोग्राफी वातावरण में मौजूद तनाव और रहस्य को शानदार तरीके से कैद करती है। बैकग्राउंड म्यूजिक दृश्यों के प्रभाव को बढ़ाता है, जबकि संपादन फिल्म की रफ्तार को संतुलित बनाए रखता है।
अभिनय
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी कलाकारों की टीम है। रघुबीर यादव और मुकेश तिवारी अपने अनुभव से किरदारों में गहराई लाते हैं, लेकिन सिमाला प्रसाद सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं। एक पुलिस अधिकारी के रूप में उनका आत्मविश्वास और सहज अभिनय किरदार को पूरी तरह विश्वसनीय बनाता है।
इश्तियाक़ ख़ान और सदानंद पाटिल फिल्म के सरप्राइज पैकेज साबित होते हैं। किन्नर पात्रों में दोनों कलाकारों का रूपांतरण और अभिनय बेहद प्रभावशाली है। खासकर इश्तियाक़ ख़ान अपने रहस्यमयी अंदाज से कई दृश्यों को यादगार बना देते हैं।
वहीं अश्विनी कालसेकर, अंजलि पाटिल, ज़रीना वहाब, शरद सिंह और हसन पीरजादा भी अपनी-अपनी भूमिकाओं में पूरी ईमानदारी के साथ नजर आते हैं। पूरी स्टारकास्ट का सामूहिक प्रदर्शन फिल्म को मजबूती प्रदान करता है।
क्या देखें या नहीं?
अगर आपको ऐसी फिल्में पसंद हैं जो केवल मनोरंजन ही नहीं बल्कि मजबूत कहानी और यथार्थ का एहसास भी कराएं, तो ‘द नर्मदा स्टोरी’ आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। यह फिल्म सस्पेंस, भावनाओं और सामाजिक पहलुओं का संतुलित मिश्रण पेश करती है।
‘द नर्मदा स्टोरी’ एक प्रभावशाली क्राइम-थ्रिलर है, जो दमदार अभिनय, मजबूत पटकथा और संतुलित निर्देशन के दम पर दर्शकों को बांधे रखने में सफल रहती है। फिल्म का यथार्थवादी दृष्टिकोण और रहस्य से भरपूर कहानी इसे इस सप्ताह की उल्लेखनीय फिल्मों में शामिल करती है।