Edited By Mansa Devi,Updated: 01 May, 2026 06:06 PM

गर्मियों के मौसम में कूलर को एक सस्ता और आसान ठंडक देने वाला विकल्प माना जाता है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि कूलर चलाने से बिजली का बिल कितना बढ़ेगा।
नेशनल डेस्क: गर्मियों के मौसम में कूलर को एक सस्ता और आसान ठंडक देने वाला विकल्प माना जाता है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि कूलर चलाने से बिजली का बिल कितना बढ़ेगा। दरअसल, कूलर की बिजली खपत उसके प्रकार, मोटर की क्षमता (वॉट) और रोजाना इस्तेमाल के घंटों पर निर्भर करती है।
पावर कंजम्पशन निकालने का फॉर्मूला
Orient Electric के मुताबिक, कूलर की बिजली खपत निकालने का फॉर्मूला है- Power Consumption (kWh) = Wattage × Hours of Use ÷ 1000 इसी फॉर्मूले से आप आसानी से अपना खर्च कैलकुलेट कर सकते हैं।
190W कूलर का 30 दिन का खर्च
अगर 190 वॉट का कूलर रोजाना 8 घंटे चलाया जाए, तो यह एक दिन में लगभग 1.52 यूनिट (kWh) बिजली खर्च करता है। इसी हिसाब से अगर इसे पूरे महीने यानी 30 दिन तक चलाया जाए, तो कुल खपत करीब 45.6 यूनिट होगी। यदि बिजली की दर ₹5 प्रति यूनिट मानी जाए, तो महीने का कुल खर्च लगभग ₹228 तक पहुंच सकता है।
180W कूलर का मासिक खर्च
इसी तरह 180 वॉट का कूलर 8 घंटे में लगभग 1.44 यूनिट बिजली खर्च करता है। 30 दिनों तक लगातार उपयोग करने पर इसकी कुल खपत करीब 43.2 यूनिट होगी। ₹5 प्रति यूनिट की दर से इसका मासिक खर्च लगभग ₹216 आता है, जो 190 वॉट कूलर के मुकाबले थोड़ा कम है।
कितना किफायती है कूलर?
अगर पूरे आंकड़ों को देखा जाए, तो कूलर की बिजली खपत काफी सीमित होती है। सही क्षमता का कूलर चुनकर और जरूरत के अनुसार इस्तेमाल करके आप कम खर्च में अच्छी ठंडक पा सकते हैं। यही वजह है कि कूलर आज भी गर्मियों में आम लोगों के लिए एक सस्ता और उपयोगी विकल्प बना हुआ है।