Sleep Disorder Alert: सपना देखते समय हाथ-पैर हिलना हो सकता है खतरनाक...इन संकेतों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

Edited By Updated: 14 Mar, 2026 05:12 PM

if your hands or feet move while dreaming do not under any circumstances ignore

अच्छी नींद शरीर और दिमाग के लिए बहुत जरूरी होती है। सोते समय सपने आना भी एक सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन कुछ लोगों के साथ ऐसा होता है कि सपना देखते समय उनका शरीर भी उसी के अनुसार प्रतिक्रिया देने लगता है।

नेशनल डेस्क: अच्छी नींद शरीर और दिमाग के लिए बहुत जरूरी होती है। सोते समय सपने आना भी एक सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन कुछ लोगों के साथ ऐसा होता है कि सपना देखते समय उनका शरीर भी उसी के अनुसार प्रतिक्रिया देने लगता है। कई बार व्यक्ति नींद में बात करने लगता है, हाथ-पैर हिलाने लगता है या अचानक घबराकर उठ बैठता है। अक्सर परिवार के लोग इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो रही है तो यह नींद से जुड़ी एक बीमारी का संकेत हो सकती है।

क्या होती है यह समस्या?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस स्थिति को REM Sleep Behavior Disorder (RBD) कहते हैं। इस बीमारी में व्यक्ति अपने सपनों के अनुसार शारीरिक गतिविधियां करने लगता है। आमतौर पर जब हम गहरी नींद के REM चरण में होते हैं, तब दिमाग शरीर की मांसपेशियों को अस्थायी रूप से शांत कर देता है ताकि व्यक्ति सपनों के मुताबिक प्रतिक्रिया न करे। लेकिन RBD में यह प्रक्रिया सही तरीके से काम नहीं करती। इसी वजह से कुछ लोग नींद में हाथ-पैर चलाने लगते हैं, बोलने लगते हैं या अचानक चिल्ला भी सकते हैं। कई बार यह स्थिति खतरनाक भी हो सकती है क्योंकि इससे खुद को या पास में सो रहे व्यक्ति को चोट लगने का खतरा रहता है।

REM नींद के दौरान आते हैं ज्यादातर सपने
नींद कई चरणों में पूरी होती है और उनमें से REM चरण को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी समय दिमाग सबसे ज्यादा सक्रिय रहता है और ज्यादातर सपने इसी दौरान आते हैं। सामान्य परिस्थितियों में शरीर शांत रहता है, लेकिन RBD के मामलों में यह सुरक्षा प्रणाली काम नहीं करती। ऐसे में व्यक्ति सपने में जो देखता है, उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई व्यक्ति सपने में भाग रहा हो, तो वह हाथ-पैर तेजी से हिलाने लग सकता है या डरावना सपना आने पर जोर से बोल भी सकता है।

किसे होता है ज्यादा खतरा?
अध्ययनों के अनुसार यह समस्या आमतौर पर 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में ज्यादा देखी जाती है और पुरुषों में इसका जोखिम अधिक होता है। हालांकि यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है। कुछ मामलों में यह समस्या भविष्य में होने वाली न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का शुरुआती संकेत भी हो सकती है, जैसे Parkinson's disease।

कैसे होती है जांच और इलाज?
अगर किसी व्यक्ति को बार-बार नींद में असामान्य हरकतें करने की समस्या हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। डॉक्टर आमतौर पर स्लीप स्टडी टेस्ट करवाते हैं। इस जांच में रात के दौरान व्यक्ति की नींद, सांस, दिमाग की गतिविधि और शरीर की हरकतों को रिकॉर्ड किया जाता है। इसके आधार पर डॉक्टर सही इलाज और दवाइयों की सलाह देते हैं।

समस्या को नजरअंदाज न करें
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति नींद में बार-बार हाथ-पैर चलाता है, बोलता है या डरकर उठ जाता है, तो इसे सामान्य आदत समझकर अनदेखा नहीं करना चाहिए। समय रहते डॉक्टर से परामर्श लेने से इस समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है और भविष्य में होने वाली जटिलताओं से बचा जा सकता है।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!