Edited By Parveen Kumar,Updated: 01 May, 2026 07:24 PM

आम आदमी को एक बार फिर मंहगाई की मार झेलनी पड़ सकती है। सरकारी सूत्रों के अनुसार जल्द ही पेट्रोल-डीजलों की कीमतें बढ़ने की संभावना है। पिछले चार वर्षों से स्थिर बनी हुई ईंधन कीमतें अब उपभोक्ताओं के बजट पर असर डाल सकती हैं।
नेशनल डेस्क : आम आदमी को एक बार फिर मंहगाई की मार झेलनी पड़ सकती है। सरकारी सूत्रों के अनुसार जल्द ही पेट्रोल-डीजलों की कीमतें बढ़ने की संभावना है। पिछले चार वर्षों से स्थिर बनी हुई ईंधन कीमतें अब उपभोक्ताओं के बजट पर असर डाल सकती हैं।
प्राइवेट तेल कंपनियों का कहना है कि उन्हें लगातार घाटा झेलना पड़ रहा है। कंपनियों को पेट्रोल पर करीब 20 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर लगभग 100 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। कच्चे तेल की औसत कीमत, जो पिछले वर्ष 70 डॉलर प्रति बैरल थी, अब 114 डॉलर के पार पहुंच चुकी है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार मिडिल ईस्ट जंग के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय तेल की करीब 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जो पिछले चार वर्षों का उच्चतम स्तर है। अब पुरी दुनिया की ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ पर टिकी हैं।