Doorway Effect: कमरे में घुसते ही भूल जाते हैं काम? कमजोर होने लगी है याद्दाशत या फिर...,जवाब सुनकर रह जाएंगे हैरान!

Edited By Updated: 10 Apr, 2026 04:53 PM

learn what the  doorway effect  is and why the brain forgets things

अक्सर आपने लोगों को यह कहते हुए सुना होगा कि कभी- कभार जब हम रुम में या किचन में कुछ लेने जाते हैं को तो वहां जाकर इस सोच में पड़ जाते हैं कि हम क्या करने आए थे? अगर  आपने भी कभी ऐसा महसूस किया है तो  अगर हाँ, तो घबराइए नहीं। यह याददाश्त की कमजोरी...

नेशनल डेस्क: अक्सर आपने लोगों को यह कहते हुए सुना होगा कि कभी- कभार जब हम रुम में या किचन में कुछ लेने जाते हैं को तो वहां जाकर इस सोच में पड़ जाते हैं कि हम क्या करने आए थे? अगर  आपने भी कभी ऐसा महसूस किया है तो  अगर हाँ, तो घबराइए नहीं। यह याददाश्त की कमजोरी नहीं, बल्कि विज्ञान की एक सामान्य प्रक्रिया है जिसे Doorway Effect कहा जाता है।         

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क्या है डोरवे इफेक्ट?

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, जब हम एक कमरे से दूसरे कमरे में जाते हैं (यानी किसी दरवाजे या 'डोरवे' को पार करते हैं), तो हमारा दिमाग उसे एक 'इवेंट बाउंड्री' की तरह देखता है। जैसे ही हम नए माहौल में कदम रखते हैं, हमारा मस्तिष्क पिछले कमरे की जानकारी को 'पुराना' मानकर हटा देता है और नए वातावरण के हिसाब से खुद को अपडेट करने लगता है। एक मनोचिकित्सक के अनुसार, हमारा दिमाग एक स्मार्टफोन की तरह काम करता है। जैसे फोन को तेज चलाने के लिए हम बैकग्राउंड ऐप्स बंद कर देते हैं, वैसे ही दिमाग नई जगह पहुँचते ही अनावश्यक जानकारी को 'रीसेट' कर देता है।

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किन स्थितियों में बढ़ जाती है यह समस्या?

यह कोई बीमारी नहीं है, लेकिन कुछ स्थितियों में यह अधिक महसूस हो सकती है:

  1. मानसिक थकान: जब आप दिन भर के काम से थके होते हैं, तो फोकस करने की क्षमता घट जाती है।

  2. मल्टीटास्किंग: अगर आप फोन पर बात करते हुए या किसी और गहरी चिंता में डूबे हुए दूसरे कमरे में जाते हैं, तो दिमाग कंफ्यूज हो जाता है।

  3. तनाव और दबाव: स्ट्रेस के दौरान दिमाग एक साथ कई फाइलों पर काम कर रहा होता है, जिससे छोटी-छोटी बातें दिमाग से फिसल जाती हैं।

  4. रुचि की कमी: हम अक्सर उन कामों को जल्दी भूल जाते हैं जिनमें हमारी दिलचस्पी कम होती है।

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भूलने की इस आदत से कैसे बचें?

अगर आप बार-बार भूलने से परेशान हैं, तो ये 4 आसान टिप्स अपनाएं:

  • विजुअलाइजेशन: जो चीज लेने जा रहे हैं, उसकी तस्वीर अपने मन में साफ रखें।

  • बोलकर याद रखें: कमरे बदलते समय मन में दोहराते रहें, जैसे- "मुझे चार्जर लेना है, मुझे चार्जर लेना है।"

  • पॉज लें: दूसरे कमरे में घुसने से ठीक पहले एक सेकंड के लिए रुकें और अपने उद्देश्य को याद करें।

  • संकेत का प्रयोग: अपने हाथ में कोई ऐसी छोटी चीज रखें जो आपको उस काम की याद दिलाती रहे।

कब लें डॉक्टर की सलाह?

कमरे में जाकर काम भूलना पूरी तरह सामान्य है। लेकिन, यदि आप लोगों के नाम, जरूरी मीटिंग्स या रोजमर्रा के बहुत महत्वपूर्ण काम बार-बार भूलने लगें, तो यह याददाश्त से जुड़ी किसी अन्य समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित रहता है।

 

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