Edited By Pardeep,Updated: 23 Sep, 2026 05:37 AM

पिछले कुछ सालों में सोने की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है और पिछले एक साल में इसके दाम लगभग दोगुने हो चुके हैं। इस बढ़ोतरी का सीधा असर बाजार और ग्राहकों की जेब पर देखने को मिल रहा है, जिससे सोने की बिक्री में बड़ी गिरावट आई है।
बिजनेस डेस्क: पिछले कुछ सालों में सोने की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है और पिछले एक साल में इसके दाम लगभग दोगुने हो चुके हैं। इस बढ़ोतरी का सीधा असर बाजार और ग्राहकों की जेब पर देखने को मिल रहा है, जिससे सोने की बिक्री में बड़ी गिरावट आई है।
गणेश चतुर्थी पर रेट में रिकॉर्ड उछाल
पिछले साल गणेश चतुर्थी के मौके पर सोने का भाव लगभग 98,000 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो इस साल गणेश चतुर्थी के समय बढ़कर 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है। आंकड़ों के मुताबिक, महज एक साल के भीतर सोने की कीमत में लगभग 60% की वृद्धि हुई है।
सोने की बिक्री में 15% की कमी
दामों में हुई इस भारी बढ़ोतरी के कारण इस साल गणेश चतुर्थी और त्यौहारी सीजन में सोने की बिक्री में पिछले साल के मुकाबले लगभग 15% की गिरावट दर्ज की गई है। कारोबारियों के अनुसार, कीमतें अत्यधिक बढ़ने से गहने खरीदना आम ग्राहकों के बजट से बाहर हो रहा है, जिसके चलते लोगों ने खरीदारी घटा दी है।
सिक्कों और हल्की ज्वेलरी की मांग बढ़ी
बढ़ती कीमतों के बीच ग्राहकों के खरीदने का तरीका भी बदल गया है। अब लोग भारी-भरकम गहनों के बजाय हल्की ज्वेलरी या सोने के सिक्के खरीदना पसंद कर रहे हैं, ताकि वे अपने निर्धारित बजट के भीतर ही सोना खरीद सकें।
बढ़ा कुल खर्च, ज्वेलरी कारोबार पर असर की आशंका
सोने के मूल भाव में वृद्धि के साथ-साथ हॉलमार्किंग और अन्य खर्चों के बढ़ने से शादी-ब्याह तथा त्योहारों के लिए खरीदारी करने वाले ग्राहकों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा है। यदि सोने के दाम इसी रफ्तार से बढ़ते रहे, तो आने वाले दिनों में लोग या तो बेहद हल्के गहने चुनेंगे या फिर खरीदारी रोक सकते हैं, जिससे ज्वेलरी कारोबार पर गहरा असर पड़ सकता है। हालांकि, छोटे गहनों और सिक्कों की मांग आगे भी बने रहने की उम्मीद है।