Bangladesh : भारी बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ में 54 लोगों की मौ'त, इन सात जिलों में सबसे ज्यादा खराब हालात

Edited By Updated: 13 Jul, 2026 09:53 PM

54 people died in flash floods following heavy rains

बांग्लादेश में भारी बारिश और पहाड़ी ढलानों से आए पानी के कारण सात जिलों में आई विनाशकारी बाढ़, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 54 हो गई है।

इंटरनेशनल डेस्कः बांग्लादेश में भारी बारिश और पहाड़ी ढलानों से आए पानी के कारण सात जिलों में आई विनाशकारी बाढ़, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 54 हो गई है। आपदा प्रबंधन और राहत मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, 13 जुलाई तक तीन और मौतों के साथ स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। इस प्राकृतिक आपदा से अब तक 6.09 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

मौतों का आंकड़ा और प्रभावित क्षेत्र
बाढ़ के कारण सबसे ज्यादा तबाही कॉक्स बाजार (Cox's Bazar) में देखी गई है, जहां अब तक 31 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें 13 रोहिंग्या शरणार्थी भी शामिल हैं। इसके अलावा, चटगांव (Chattogram) में 13, बंदरबन (Bandarban) में 6, रांगामाटी (Rangamati) में 3 और मौलवीबाजार (Moulvibazar) में एक व्यक्ति की मौत हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, सात जिलों के 59 उपजिलों में करीब 1,55,311 परिवार अभी भी जलमग्न क्षेत्रों में फंसे हुए हैं।

राहत और बचाव कार्य जारी
प्रशासन ने प्रभावित जिलों में 1,049 आश्रय केंद्र खोले हैं, जहां वर्तमान में 38,422 लोगों ने शरण ली हुई है। चटगांव जिला बाढ़ से सबसे बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों में से एक है, जहां 16 उपजिलों के 122 यूनियन जलमग्न हैं। सरकार ने यहां राहत के लिए 1,200 टन चावल और 85 लाख टका (नकदी) आवंटित किए हैं।

विभिन्न जिलों में नुकसान का विवरण:

  • कॉक्स बाजार: यहां के सभी 10 उपज़िले बाढ़ की चपेट में हैं और 71 यूनियन पूरी तरह डूब चुके हैं।
  • बंदरबन: 7 प्रभावित उपजिलों में 5,134 लोग शरण केंद्रों में रह रहे हैं। यहां बच्चों के लिए बेबी फूड के 875 पैकेट भी वितरित किए गए हैं।
  • रांगामाटी: जिले के नौ उपजिलों में 47 केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां 3,487 लोगों को ठहराया गया है।

सरकार की ओर से बड़ी सहायता
मंत्रालय ने 7 जुलाई से अब तक सभी 64 जिलों के लिए कुल 4.6 करोड़ टका नकद और 8,950 टन चावल आवंटित किया है। इसमें सबसे अधिक सहायता चटगांव, रांगामाटी, कॉक्स बाजार और बंदरबन जैसे सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों को दी जा रही है। राहत कार्यों में गैर-सरकारी संगठन (NGOs) भी सक्रिय रूप से भोजन के पैकेट और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित कर रहे हैं।

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