Edited By Tanuja,Updated: 19 Apr, 2026 07:29 PM

जर्मनी में वर्ल्ड उइगर कांग्रेस ने चीन के शिनजियांग में दमन के नए आरोप लगाए हैं। पूर्व चीनी पुलिस अधिकारी के खुलासे में जबरन मजदूरी, हिरासत और निगरानी का दावा किया गया। संगठन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कार्रवाई की मांग की है। चीन इन आरोपों से इनकार...
International Desk: विश्व उइगुर कांग्रेस (World Uyghur Congress) ने चीन पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। जर्मनी के Munich में संगठन ने कहा कि चीन (China) के शिनजियांग क्षेत्र में उइगर मुसलमानों के खिलाफ दमन अब भी जारी है। यह बयान एक पूर्व चीनी पुलिस अधिकारी Zhang Yabo के खुलासे के बाद आया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने लगभग 10 साल तक शिनजियांग के सुरक्षा तंत्र में काम किया और अब यूरोप भागकर उन्होंने अपने अनुभव साझा किए हैं।रिपोर्ट के अनुसार, झांग याबो ने दावा किया कि उइगर लोगों को जबरन मजदूरी के लिए भेजा जाता था, जिसमें कपास की खेती जैसे काम शामिल थे।
यह सब पुलिस निगरानी में कराया जाता था। चीन सरकार पहले इन आरोपों से इनकार करती रही है। संगठन का कहना है कि पहले जहां बड़े पैमाने पर लोगों को कैंपों में रखा जाता था, अब दमन का तरीका बदल दिया गया है। अब लोगों को सीधे जेलों में भेजा जा रहा है, जिससे यह सिस्टम और “छिपा हुआ” हो गया है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि 2017 से 2021 के बीच 5 लाख से ज्यादा लोगों को इस क्षेत्र में कैद किया गया। अधिकारियों पर आरोप है कि उन्हें गिरफ्तारी और मजदूरी के “टारगेट” दिए जाते थे, और जो इन्हें पूरा नहीं करते, उन पर दबाव डाला जाता था।
तुर्गुनजान अलाउदुन (Turgunjan Alawdun) ने कहा कि यह खुलासा दिखाता है कि दमन खत्म नहीं हुआ, बल्कि नए तरीके से जारी है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह इस मामले में चुप न रहे और कार्रवाई करे। हालांकि, China इन सभी आरोपों को लगातार खारिज करता रहा है और कहता है कि शिनजियांग में उसके कदम आतंकवाद और कट्टरता से निपटने के लिए हैं। कुल मिलाकर, इस नए खुलासे ने एक बार फिर चीन के खिलाफ मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों को वैश्विक मंच पर तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पर क्या कदम उठाता है।