Edited By Tanuja,Updated: 28 Apr, 2026 12:13 PM

चीन ने साउथ चाइना सी में अपना पहला ड्रोन-केंद्रित युद्धपोत Type 076 Sichuan तैनात किया है। यह कदम समुद्री ताकत बढ़ाने और ड्रोन युद्ध क्षमता दिखाने का संकेत है, जिससे अमेरिका समेत वैश्विक रणनीतिक समीकरण पर असर पड़ सकता है।
Bejing: चीन ने समुद्र में अपनी सैन्य ताकत को एक नए स्तर पर पहुंचाते हुए बड़ा कदम उठाया है। चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी नौसेना ( People's Liberation Army Navy) ने अपने अत्याधुनिक ड्रोन-केंद्रित युद्धपोत Type 076 Sichuan को साउथ चाइना सी (SCS) में तैनात कर दिया है। इसे दुनिया का पहला ऐसा युद्धपोत माना जा रहा है, जिसे मुख्य रूप से ड्रोन ऑपरेशन के लिए डिजाइन किया गया है। चीन के इस कदम से मिडल ईस्ट जंग में उलझे अमेरिका में हड़कंप मच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इस जहाज के साथ बड़े सैन्य अभ्यास होंगे, जिनमें हेलीकॉप्टर, अन्य युद्धपोत और amphibious फोर्स शामिल होंगी। साथ ही, इसके Taiwan Strait से गुजरने की भी संभावना जताई जा रही है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है।
यह जहाज पारंपरिक एयरक्राफ्ट कैरियर से अलग है। यह न सिर्फ ड्रोन लॉन्च और कंट्रोल कर सकता है, बल्कि amphibious assault ship की तरह सैनिकों और भारी उपकरणों को भी समुद्र के रास्ते तैनात कर सकता है। करीब 50,000 टन वजनी यह युद्धपोत 28 से 35 तक एयरक्राफ्ट (ज्यादातर ड्रोन) ऑपरेट करने में सक्षम है। इसकी सबसे बड़ी ताकत है इसकी ड्रोन स्वार्म क्षमता, यानी एक साथ कई ड्रोन से निगरानी और हमला करना। इसमें इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कैटापल्ट सिस्टम भी लगाया गया है, जिससे यह आधुनिक सुपरकैरियर तकनीक के करीब पहुंच जाता है।
युद्धपोत की प्रमुख खासियतें
- चीन का यह नया युद्धपोत पारंपरिक एयरक्राफ्ट कैरियर से अलग एक फ्यूचर-रेडी प्लेटफॉर्म माना जा रहा है।
- PLAN ने इसे खास तौर पर ड्रोन आधारित युद्ध और मल्टी-रोल ऑपरेशन के लिए तैयार किया है।
- यह दुनिया का पहला ऐसा बड़ा युद्धपोत माना जा रहा है, जिसे मुख्य रूप से UAV (ड्रोन) लॉन्च और कंट्रोल करने के लिए बनाया गया है।
- एक साथ कई ड्रोन (swarm) ऑपरेट कर सकता है।
- निगरानी (surveillance), हमला (strike) और टोही (reconnaissance) में सक्षम।
- करीब 28–35 एयरक्राफ्ट ऑपरेट करने की क्षमता, इनमें ज्यादातर ड्रोन होंगे।
- भविष्य में स्टेल्थ ड्रोन फाइटर (जैसे GJ-11) शामिल होने की संभावना।
- अत्याधुनिक EMALS (Electromagnetic Aircraft Launch System) से लैस।
- ड्रोन और विमान को तेजी से लॉन्च करने की क्षमता।
- यह तकनीक इसे दुनिया के सबसे आधुनिक कैरियर्स की श्रेणी में लाती है ।
- एयरक्राफ्ट कैरियर + amphibious assault ship।
- सैनिक, टैंक और सैन्य उपकरण समुद्र के जरिए तैनात कर सकता है।
- युद्ध और लैंडिंग ऑपरेशन दोनों में उपयोगी।
- लगभग 50,000 टन displacement।
- कई देशों के छोटे कैरियर्स से बड़ा लेकिन सुपरकैरियर से थोड़ा छोटा फिर भी अत्यधिक शक्तिशाली।
- कठिन समुद्री परिस्थितियों (जैसे साउथ चाइना सी) में भी काम करने के लिए डिजाइन।
- अलग-अलग वातावरण में प्रदर्शन की क्षमता।
- हेलीकॉप्टर, पारंपरिक विमान और amphibious फोर्स के साथ संयुक्त ऑपरेशन।
- भविष्य में नेटवर्क-आधारित युद्ध (network-centric warfare) का हिस्सा।
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नवंबर 2025 से इसके कई समुद्री परीक्षण किए जा चुके हैं, और अब साउथ चाइना सी जैसे संवेदनशील इलाके में इसका ट्रायल हो रहा है। यह इलाका रणनीतिक रूप से बेहद अहम है और यहां चीन, अमेरिका और उसके सहयोगियों की सैन्य मौजूदगी रहती है इसलिए अमेरिका की टेंशन बढ़ सकती हैं। ड्रोन आधारित युद्ध की यह दिशा भविष्य में नौसैनिक रणनीति को पूरी तरह बदल सकती है। चीन का यह कदम सिर्फ एक सैन्य परीक्षण नहीं, बल्कि यह संकेत है कि आने वाले समय में युद्ध की तस्वीर बदलने वाली है जहां इंसानों से ज्यादा मशीनें और ड्रोन लड़ाई का केंद्र होंगी।