Edited By Tanuja,Updated: 24 Aug, 2026 04:31 PM

सीरिया की दमिश्क अदालत ने पूर्व ग्रैंड मुफ्ती अहमद बद्रेद्दीन हसून को हिंसा भड़काने और हत्या को जायज ठहराने के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई। हसून असद शासन के समर्थक थे और 2005 से 2021 तक ग्रैंड मुफ्ती रहे। अदालत ने बैरल बम हमलों का भी उल्लेख किया।
Damascus: सीरिया में पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के शासन से जुड़े लोगों पर कानूनी कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। दमिश्क की एक अदालत ने असद शासन के करीबी माने जाने वाले पूर्व ग्रैंड मुफ्ती अहमद बद्रेद्दीन हसून को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उन्हें हिंसा भड़काने और हत्या को जायज ठहराने का दोषी माना। अहमद बद्रेद्दीन हसून असद शासन के प्रमुख समर्थकों में गिने जाते थे। वह 2005 से 2021 तक सीरिया के ग्रैंड मुफ्ती रहे। बाद में इस पद को ही समाप्त कर दिया गया था। हसून खुले तौर पर असद सरकार की नीतियों का समर्थन करते थे। सोमवार को दमिश्क की अदालत ने उन्हें हिंसा भड़काने और हत्या को उचित ठहराने के आरोपों में दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई।
दमिश्क की चौथी आपराधिक अदालत के प्रमुख जज फखरुद्दीन अल-अरयान ने कहा कि असद शासन के दौरान मौजूद आधिकारिक धार्मिक व्यवस्था ने उन हमलों को जायज ठहराया, जिनमें नागरिक इलाकों को निशाना बनाने वाले बैरल बमों का इस्तेमाल किया गया। जज के मुताबिक, इन हमलों से बड़े पैमाने पर तबाही हुई और यह अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के नियमों का उल्लंघन था। असद शासन से जुड़े कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भी हाल के हफ्तों में अदालतों ने कार्रवाई की है। इनमें पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद और उनके भाई माहेर अल-असद भी शामिल हैं। कई मामलों में सजा आरोपियों की गैरमौजूदगी में सुनाई गई है। इसके विपरीत हसून अदालत में मौजूद थे और वह पहले से हिरासत में थे।
हालांकि इन फैसलों को लेकर सभी पक्ष संतुष्ट नहीं हैं। कुछ मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई है कि असद शासन से जुड़े लोगों के खिलाफ चल रही न्यायिक प्रक्रिया जल्दबाजी में आगे बढ़ाई जा रही है। संगठनों ने आशंका जताई है कि ऐसी परिस्थितियों में आरोपियों को निष्पक्ष सुनवाई का पूरा अधिकार नहीं मिल सकता।हालांकि, बड़ी संख्या में सीरियाई लोगों ने इन सजाओं का स्वागत किया है। लंबे समय से असद शासन के लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे लोगों का मानना है कि नई सरकार को इन मामलों में और तेजी दिखानी चाहिए। सीरिया में 2011 में सरकार विरोधी बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हुए थे।
असद सरकार की कार्रवाई के बाद यह आंदोलन धीरे-धीरे एक लंबे और बेहद हिंसक गृहयुद्ध में बदल गया। करीब 14 साल चले इस संघर्ष में लगभग 5 लाख लोगों की मौत हुई और सीरिया की युद्ध से पहले की करीब 2.3 करोड़ आबादी में से आधे से ज्यादा लोग विस्थापित हुए। सीरिया में असद शासन का अंत दिसंबर 2024 में हुआ। इस दौरान इस्लामिस्ट नेतृत्व वाले विद्रोहियों ने तेजी से अभियान चलाकर सत्ता पर कब्जा कर लिया और बशर अल-असद को देश छोड़ना पड़ा। इसके बाद नई सत्ता ने असद शासन के दौरान कथित अपराधों और मानवाधिकार उल्लंघनों से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है।