Edited By Tanuja,Updated: 21 Mar, 2026 06:55 PM

ब्रिटेन ने हिंद महासागर में डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे पर ईरान के मिसाइल हमले के प्रयास की कड़ी निंदा की है। यह हमला नाकाम रहा, लेकिन इससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। ब्रिटेन ने कहा कि ईरान की कार्रवाई उसके हितों और वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा है।
London: ब्रिटेन ने हिंद महासागर में डिएगो गार्सिया द्वीप स्थित ब्रिटिश-अमेरिकी हवाई सैन्य प्रतिष्ठान पर ईरान की सेना द्वारा मिसाइलें दागे जाने की निंदा की है। ब्रिटिश अधिकारियों ने असफल हमले के प्रयास का विवरण नहीं दिया है। यह स्पष्ट नहीं है कि मिसाइलें सैन्य अड्डे के कितने करीब पहुंचीं, जो ईरान से लगभग 2,500 मील (4,000 किलोमीटर) दूर है। रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि ईरान द्वारा ''पूरे क्षेत्र में हिंसक हमले करना और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंधक बनाए रखना, ब्रिटिश हितों एवं ब्रिटिश सहयोगियों के लिए खतरा है।''
ब्रिटेन ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमलों में शामिल नहीं हुआ है, लेकिन उसने अमेरिकी बमवर्षकों को ईरान के मिसाइल स्थलों पर हमला करने के लिए ब्रिटेन के ठिकानों का उपयोग करने की अनुमति दी है। शुक्रवार को ब्रिटिश सरकार ने कहा कि अमेरिकी बमवर्षक विमान होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर ईरान के हमलों को रोकने के अभियानों में डिएगो गार्सिया सहित ब्रिटेन के ठिकानों का भी उपयोग कर सकते हैं। ईरान ने ब्रिटेन के इस बयान से पहले ही संबंधित सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना बनाया।