ट्रंप का डबल गेमः ईरानी तेल पर प्रतिबंध हटाए ! यूरोप से ‘पैट्रियट’ मिसाइल सिस्टम हटाकर पश्चिम एशिया भेजे

Edited By Updated: 21 Mar, 2026 02:00 PM

us lifts sanctions on iranian oil sends more marine as trump hints at wind down

अमेरिका ने तेल कीमतें नियंत्रित करने के लिए ईरानी तेल पर अस्थायी ढील दी, वहीं ईरान के खिलाफ सैन्य दबाव बढ़ाते हुए पैट्रियट मिसाइलें पश्चिम एशिया भेज दीं। यह रणनीति आर्थिक और सैन्य दोनों मोर्चों पर ईरान को कमजोर करने की व्यापक योजना का हिस्सा मानी जा...

 International Desk: अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक साथ आर्थिक और सैन्य मोर्चों पर बड़ा कदम उठाया है। एक ओर जहां अमेरिका ने वैश्विक तेल कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ईरानी तेल पर लगे कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी ढील दी है, वहीं दूसरी ओर उसने अपनी सैन्य ताकत बढ़ाते हुए यूरोप से ‘पैट्रियट’ मिसाइल सिस्टम हटाकर पश्चिम एशिया भेज दिए हैं।

 

ईरानी तेल पर अस्थायी ढील की वजह 
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने बताया कि यह ढील केवल उस ईरानी तेल के लिए है, जो पहले से समुद्र में फंसा हुआ है।  इस फैसले से करीब 14 करोड़ बैरल तेल वैश्विक बाजार में आएगा। इसका उद्देश्य बढ़ती तेल कीमतों को कम करना है। युद्ध से पहले ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल थी, जो अब बढ़कर लगभग 119 डॉलर तक पहुंच गई है। यह छूट 19 अप्रैल तक लागू रहेगी और इसमें नए उत्पादन या खरीद की अनुमति नहीं दी गई है।

 

 ईरान पर सैन्य दबाव भी बढ़ा
आर्थिक कदम के साथ-साथ अमेरिका ने सैन्य रणनीति भी तेज कर दी है।  यूरोप से बड़ी संख्या में ‘पैट्रियट’ मिसाइल सिस्टम हटाकर पश्चिम एशिया भेजे गए हैं। इससे यूरोप की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, खासकर रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच।अधिकारियों के अनुसार, इससे यूरोप की वायु रक्षा क्षमता कमजोर हो सकती है।

 

‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत कार्रवाई
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि अमेरिकी सेना के पास इस ऑपरेशन के लिए पर्याप्त हथियार और संसाधन मौजूद हैं।

 

रणनीति क्या है?
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका की यह “डबल रणनीति” है जिसके तहत तेल बाजार में आपूर्ति बढ़ाकर कीमतें कम करना, ईरान की आर्थिक ताकत को कमजोर करना, सैन्य दबाव बनाकर उसकी आक्रामक क्षमता घटाना है।  रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका अब तक 44 करोड़ बैरल अतिरिक्त तेल बाजार में लाने की योजना पर काम कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा कि वह अभी युद्धविराम के पक्ष में नहीं हैं।  “जब आप जीत के करीब हों, तब युद्धविराम नहीं किया जाता,” उन्होंने कहा।हालांकि, उन्होंने यह संकेत भी दिया कि भविष्य में सैन्य कार्रवाई धीरे-धीरे कम की जा सकती है। अमेरिका की यह नीति साफ संकेत देती है कि वह ईरान को एक साथ आर्थिक और सैन्य दोनों मोर्चों पर घेरने की कोशिश कर रहा है  इससे मिडिल ईस्ट ही नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार और सुरक्षा संतुलन पर भी बड़ा असर पड़ सकता है। 

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