वो देश जहां 'सरकारी बाबू' के बच्चे विदेश में जाकर नहीं कर सकते पढ़ाई! नियमों को तोड़ने पर मिलती है कड़ी सजा

Edited By Updated: 10 Mar, 2026 01:01 PM

children of government officials are forbidden from going abroad in china

दुनिया में भ्रष्टाचार रोकने के कई तरीके अपनाए जाते हैं लेकिन चीन ने जो रास्ता चुना है वह बेहद सख्त और अनोखा है। चीनी सरकार ने हाल ही में अपने सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए विदेशी कनेक्शन को लेकर नए और कड़े नियम लागू कर दिए हैं। अब अगर...

China Naked Officials Ban Foreign Education : दुनिया में भ्रष्टाचार रोकने के कई तरीके अपनाए जाते हैं लेकिन चीन ने जो रास्ता चुना है वह बेहद सख्त और अनोखा है। चीनी सरकार ने हाल ही में अपने सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए विदेशी कनेक्शन को लेकर नए और कड़े नियम लागू कर दिए हैं। अब अगर किसी चीनी अधिकारी का बच्चा या पत्नी विदेश में रहते हैं तो उस अधिकारी का करियर दांव पर लग सकता है।

कौन हैं Naked Officials?

चीन में एक खास शब्द चर्चित है— 'नेकेड ऑफिशियल्स'। यह उन अधिकारियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है जिनके पति, पत्नी या बच्चे विदेश में बस गए हैं या वहां की नागरिकता ले चुके हैं। सरकार का मानना है कि ऐसे अधिकारी देश के लिए सुरक्षा का खतरा हो सकते हैं और भ्रष्टाचार का पैसा विदेश भेजने के लिए अपने परिवार का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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विदेश में पढ़ाई और प्रमोशन पर कैंची

कई संवेदनशील पदों पर बैठे अधिकारियों के बच्चों को विदेश में पढ़ने की अनुमति नहीं है। अगर किसी अधिकारी का इकलौता बच्चा भी विदेश में पढ़ रहा है तो उसे नियर नेकेड ऑफिसर माना जाता है। ऐसे अधिकारियों को आदेश दिया जाता है कि वे अपने परिवार को चीन वापस बुलाएं। मना करने पर उन्हें इस्तीफा देना पड़ता है या किसी मामूली पद पर भेज दिया जाता है। ऐसे अधिकारियों को कभी भी बड़ा प्रमोशन नहीं मिलता और उन्हें महत्वपूर्ण सरकारी फैसलों से दूर रखा जाता है।

पासपोर्ट पर सरकार का कब्जा

चीन ने यात्रा संबंधी नियमों को इतना सख्त कर दिया है कि अब अधिकारियों का अपना पासपोर्ट उनके पास नहीं रहता।

  1. पासपोर्ट सरेंडर: सरकारी कर्मचारियों को अपना पासपोर्ट विभाग के पास जमा (सरेंडर) करना पड़ता है।

  2. इन पर भी लागू नियम: यह नियम अब सिर्फ बड़े अफसरों तक सीमित नहीं है। कई इलाकों में स्कूल के टीचर, डॉक्टर, नर्स और बैंक कर्मचारियों के पासपोर्ट भी जब्त किए जा रहे हैं।

  3. मंजूरी मिलना नामुमकिन: अगर कोई निजी काम से विदेश जाना चाहता है तो उसे महीनों पहले आवेदन करना होता है जो अक्सर खारिज कर दिया जाता है। रिटायर्ड कर्मचारियों को भी पासपोर्ट वापस लेने के लिए सालों इंतजार करना पड़ता है।

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क्यों बरती जा रही है इतनी सख्ती?

चीनी सरकार इन कदमों के पीछे दो मुख्य तर्क देती है:

  • राष्ट्रीय सुरक्षा: विदेशी खुफिया एजेंसियां परिवार के जरिए अधिकारियों को ब्लैकमेल न कर सकें।

  • एंटी-करप्शन मुहीम: अधिकारियों को अवैध तरीके से पैसा विदेश भेजने या वहां संपत्ति छिपाने से रोकना।

नियम तोड़ने पर खौफनाक सजा

जो अधिकारी अपने परिवार के विदेशी संबंधों की जानकारी छिपाते हैं या बिना बताए विदेश यात्रा करते हैं उन्हें कड़ी सजा मिलती है:

  • नौकरी से तत्काल बर्खास्तगी।

  • रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन और अन्य लाभों पर रोक।

  • गंभीर मामलों में भ्रष्टाचार और देशद्रोह के आरोप में जेल की सजा।

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