डीजल पर 23 रुपए तो जेट फ्यूल पर 33 रुपए प्रति लीटर एक्सपोर्ट ड्यूटी तय, जानें क्या होगा असर?

Edited By Updated: 01 May, 2026 12:41 AM

export duty on jet fuel fixed at rs 33 per liter know what will be the impact

केंद्र सरकार ने देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और निजी तेल कंपनियों द्वारा भारी मुनाफा कमाने की कोशिशों पर अंकुश लगाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्रालय ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर नई दरें जारी की हैं, जो 1 मई...

नेशनल डेस्कः केंद्र सरकार ने देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और निजी तेल कंपनियों द्वारा भारी मुनाफा कमाने की कोशिशों पर अंकुश लगाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्रालय ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर नई दरें जारी की हैं, जो 1 मई 2026 से अगले 15 दिनों के लिए प्रभावी होंगी।

डीजल और जेट फ्यूल पर कितना लगा चार्ज?
नई दरों के अनुसार, अब डीजल के निर्यात पर 23 रुपये प्रति लीटर और जेट फ्यूल (ATF) पर 33 रुपये प्रति लीटर की एक्सपोर्ट ड्यूटी (SAED) देनी होगी। हालांकि, सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर किसी भी तरह का शुल्क नहीं लगाया है। यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक परिस्थितियों की समीक्षा के बाद लिया गया है।

आम आदमी की जेब पर क्या होगा असर?
राहत की बात यह है कि इस फैसले का देश के भीतर मिलने वाले पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू स्तर पर इस्तेमाल होने वाले ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है,। इस कदम का उद्देश्य ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स की लागत को नियंत्रित रखना है, ताकि फल, सब्जी और अन्य जरूरी चीजों की कीमतों में अचानक उछाल न आए।

क्यों लिया गया यह फैसला?

  1. घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करना: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी तनाव के बीच देश में तेल की कमी न हो, इसके लिए निर्यात को हतोत्साहित किया जा रहा है,।
  2. विंडफॉल प्रॉफिट पर लगाम: जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं, तो कई निजी कंपनियां मुनाफा कमाने के लिए घरेलू बाजार के बजाय विदेश में तेल बेचना शुरू कर देती हैं। भारी टैक्स लगाकर अब सरकार ने घरेलू बाजार में सप्लाई करना कंपनियों के लिए ज्यादा फायदेमंद बना दिया है।
  3. नियमित समीक्षा: सरकार हर 15 दिन में इन दरों की समीक्षा करती है ताकि वैश्विक बाजार के उतार-चढ़ाव के हिसाब से फैसले लिए जा सकें।

अफवाहों से बचें, सप्लाई है सामान्य
पेट्रोलियम मंत्रालय ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की कमी की अफवाहों पर ध्यान न दें। देश भर में तेल रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और रसोई गैस (LPG) की डिलीवरी भी सामान्य रूप से जारी है। सरकार का मुख्य उद्देश्य एनर्जी सप्लाई चेन को बिना किसी बाधा के चालू रखना है।

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